After the Jhalawar accident, the Education Minister approved Rs 200 crore for the repair of dilapidated schools

भरतपुर ,25 जुलाई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। झालावाड़ में एक सरकारी स्कूल की छत गिरने से हुए दर्दनाक हादसे के बाद शिक्षा मंत्री ने तत्काल अपना भरतपुर दौरा रद्द कर झालावाड़ के लिए रवाना हो गए।

शिक्षा मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी जर्जर और असुरक्षित स्कूल भवनों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इन भवनों की मरम्मत व जीर्णोद्धार के लिए 200 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

मदन दिलावर दो दिवसीय दौरे पर गुरुवार को भरतपुर पहुंचे थे, लेकिन जैसे ही उन्हें झालावाड़ के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में छत गिरने की जानकारी मिली, उन्होंने सर्किट हाउस में मीडिया से संक्षिप्त बातचीत की और दौरा रद्द कर दिया। इसके बाद वे तत्काल झालावाड़ रवाना हो गए।

मंत्री ने कहा कि यह हादसा अत्यंत पीड़ादायक है और इसकी उच्च स्तरीय जांच करवाई जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंत्री के इस निर्णय को जनता के बीच संवेदनशीलता और त्वरित प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है।

आमजन का मानना है कि सरकार ने हादसे को गंभीरता से लिया है और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाने की दिशा में तत्परता दिखाई है।

झालावाड़ हादसे ने एक बार फिर से प्रदेश के स्कूल भवनों की बदहाल स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिक्षा विभाग की ताजा कार्रवाई से उम्मीद की जा रही है कि अब स्कूलों में पढऩे वाले लाखों बच्चों की जान की हिफाजत सुनिश्चित की जा सकेगी।

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