ACB tightens its grip on ACB officer Rs 48.85 lakh cash, liquor and suspicious documents recovered in Jaipur

जयपुर ,28 जून (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। राजस्थान में भ्रष्टाचार के विरुद्ध अभियान चला रही भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। इस बार जाल में कोई सामान्य अधिकारी नहीं, बल्कि खुद एसीबी चौकी झालावाड़ में पदस्थापित अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जगराम मीणा फंसे हैं। उनके पास से कुल 48.85 लाख रुपए की नकदी, अवैध रूप से संग्रहित विदेशी शराब की 85 बोतलें और संभावित रूप से कालेधन से खरीदी गई चल-अचल संपत्तियों के दस्तावेज बरामद किए गए हैं। गोपनीय निगरानी के बाद जाल में फंसे एएसपी

एसीबी के महानिदेशक डॉ. रवि प्रकाश मेहरडा ने बताया कि ब्यूरो की जयपुर इकाई को विश्वसनीय सूत्रों से सूचना मिली थी कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जगराम मीणा झालावाड़ में पदस्थ होने के बावजूद वहां तैनात विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों से हर माह अवैध सुविधा शुल्क और मासिक वसूली करता रहा है। इतना ही नहीं, उन्हें भ्रष्टाचार करने की मौन स्वीकृति और संरक्षण देने का भी आरोप है।

सूचना के आधार पर दो महीने तक अधिकारी की गोपनीय निगरानी की गई। जांच में यह भी सामने आया कि वह हर शुक्रवार को जयपुर अपने निवास पर लौटने से पहले झालावाड़ के विभिन्न कार्यालयों से वसूली की रकम एकत्र करता है और उसे अपनी स्विफ्ट डिज़ायर (क्रछ्व 14 ्रष्ट 6215) गाड़ी में रखकर जयपुर लाता है।

बरखेड़ा टोल पर घेराबंदी और कार की तलाशी

27 जून 2025 को जैसे ही पुष्टि हुई कि जगराम मीणा भारी रकम लेकर जयपुर की ओर आ रहे हैं, उसी दिन एसीबी उप महानिरीक्षक राजेश सिंह के पर्यवेक्षण में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस निरीक्षक अर्चना मीणा व अन्य अधिकारियों की टीम ने बरखेड़ा टोल प्लाजा, शिवदासपुरा पर जगराम मीणा की गाड़ी को रोका और तलाशी ली।

तलाशी के दौरान गाड़ी में छिपाकर रखे गए कई लिफाफों और बैग्स से कुल 9,35,000/- की संदिग्ध नकदी बरामद की गई :

प्लास्टिक फोल्डर में अखबार में लिपटे 500 के 10 बंडल – ?5,00,000/-

पीले लिफाफे में 500 के 4 बंडल – ?2,00,000/-

दूसरे पीले लिफाफे में 500 के 2 बंडल – ?1,00,000/-

लाल रंग के लेदर बैग में 500 के 70 नोट – ?35,000/-

जब अधिकारी से इस रकम की वैधता के बारे में पूछताछ की गई, तो वह कोई दस्तावेज या संतोषजनक उत्तर प्रस्तुत नहीं कर सका।

जयपुर आवास पर छापा: और 39.50 लाख की नकदी मिली

कार्रवाई यहीं नहीं रुकी। एसीबी टीम ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जगराम मीणा के जयपुर स्थित निवास (मकान संख्या 31, चकरोल, जेडीए कॉलोनी, एसकेआईटी के पीछे, जगतपुरा) पर भी छापा मारा। इस तलाशी का नेतृत्व एसीबी जयपुर ग्रामीण के एएसपी सुनील सिहाग ने किया।

तलाशी में उनके आवास से 39.50 लाख नकद, कई बेशकीमती दस्तावेज, संपत्तियों से जुड़े फ्लोट के कागजात और विदेशी ब्रांड की कुल 85 बोतल अंग्रेजी शराब बरामद की गई। शराब की अवैध मौजूदगी के संबंध में रामनगरिया थाने में अलग मामला दर्ज किया गया है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज

एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस श्रीमती स्मिता श्रीवास्तव के निर्देशन में मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है और आरोपी अधिकारी से गहन पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच से यह प्रतीत होता है कि उक्त राशि और संपत्तियाँ एक दिन की चेक अवधि की आय से कहीं अधिक हैं, जो अवैध संपत्ति के अर्जन का स्पष्ट संकेत है।

लोकसेवक की ‘लोक छवि संदिग्ध, पद का दुरुपयोग

एसीबी की ओर से स्पष्ट किया गया है कि आरोपी अधिकारी की छवि पहले से ही संदिग्ध रही है, और राज्य सरकार के अन्य विभागों तथा आम नागरिकों में भी उनकी कार्यशैली को लेकर असंतोष व्याप्त था। इस कार्रवाई ने न केवल उनके दामन पर धब्बा लगाया है, बल्कि भ्रष्टाचार विरोधी संस्थानों की आंतरिक जवाबदेही पर भी गहरा प्रश्नचिन्ह खड़ा किया है।

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