जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री ने स्वयं कुल 24 सेवानिवृत्त शिक्षकों को शॉल ओढ़ाकर, स्मृति चिह्न (मोमेंटो) प्रदान कर तथा प्रशस्ति पत्र भेंट करके सम्मानित किया
सेवानिवृत्ति के दिन ही सभी पेंशनरी लाभ प्रदान करने की अनूठी पहल
जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में इस पहल को तुरंत लागू किया जाए, ताकि राँची जिले के सभी सेवानिवृत्त शिक्षकों को नियमित रूप से यह लाभ और सम्मान मिल सके। इससे न केवल शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि शिक्षा विभाग में पारदर्शिता और कर्मचारी-केंद्रित दृष्टिकोण मजबूत होगा
यह पहल केवल शिक्षा विभाग तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। अन्य सभी विभागों को भी इसी प्रकार के आयोजन की शुरुआत करनी चाहिए:- जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री
रांची,31.01.2026 – जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में समाहरणालय के ब्लॉक-ए स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में एक विशेष पेंशन दरबार सह सेवा-निवृत्ति विदाई सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों को उनके समर्पित सेवा-काल के लिए सम्मानित करना तथा रिटायरमेंट के ठीक उसी दिन सभी पेंशन संबंधी लाभ उपलब्ध कराना था।
24 शिक्षकों को व्यक्तिगत सम्मान
उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री ने स्वयं कुल 24 सेवानिवृत्त शिक्षकों को शॉल ओढ़ाकर, स्मृति चिह्न (मोमेंटो) प्रदान कर तथा प्रशस्ति पत्र भेंट करके सम्मानित किया।
इस दौरान उन्होंने शिक्षकों के योगदान को समाज के निर्माण का आधार बताते हुए कहा कि शिक्षक ही वह मजबूत नींव हैं, जिस पर आने वाली पीढ़ियां खड़ी होती हैं।
सम्मानित होने वाले शिक्षक/शिक्षिकाओं के नाम
1. श्री आत्म प्रकाश पंडा, स.शि. रा.उत्क्र.म.वि. एदलपीड़ी, तमाड़।
2. श्री महेन्द्र सिंह मुण्डा, स.शि. रा.म.वि. लुंगटू तमाड़।
3. श्री लक्ष्मी कान्त सेठ, स.शि. रा.म.वि. रगड़ाबाड़ांग, तमाड़।
4. श्री काशीनाथ महतो, स.शि. रा.प्रा.वि पातसायडीह, तमाड़।
5.श्री अरूण कोनगाड़ी, स.शि. संत पौल्स मध्य विद्यालय चर्च रोड, राँची।
6. श्री त्रिदीप कुमार साहु, स.शि. रा.म.वि. चंदवे, काँके जिला- राँची।
7.श्रीमती नीना ममता दास, स.शि. रा. उत्क्रमित मध्य विद्यालय, आरा, नामकुम, राँची।
8.श्रीमती आभा खलखो, स.शि. रा.उत्क्रमित मध्य विद्यालय, राजाउलातू, नामकुम राँची।
9. श्री रूपचंद उराँव, स.शि. रा.प्रा.वि. खड़देवरी, बेड़ो-1
10. श्रीमती मिलट्रेड सलोमी बड़ा, स.शि. रा.उत्क्र.म.वि. नेहालु, बेड़ो-2
11. मनम्यार भगत, स.शि. रा.उ.म.वि. लतरातु, लापुंग
12. प्रमोद कुमार, स.शि. रा.म.वि. ककरिया, लापुंग
13.रामचन्द्र लोहरा, स.शि. रा.म.वि. लुण्डरी, चान्हों
14. प्रभा सुभाषी मिंज, स.शि. रा.म.वि. चोरेया, बालक, चान्हों
15. बिनको लकड़ा, स.शि. रा.म.वि. ईद, अनगड़ा।
16.अवधेश कुमार गुप्ता, स.शि. रा.म.वि. रेलाडीह, बुण्डू।
17. शिखर महतो, स.शि. रा.म.वि. कोन्चों, सिल्ली।
18. भूषण प्रसाद, प्रधानाध्यापक, रा.म.वि. राहे, सोनाहातु-1।
19.ब्रजेश कुमार मिश्र, स.शि. रा.म.वि. डहु, ओरमाँझी।
20.अवधेश प्रसाद, स.शि. रा.म.वि. डहु, ओरमाँझी।
21. नूतन कुमारी, स.शि. रा.म.वि. खलारी
22. जतरी कुजूर, स.शि. लक्ष्मी गजेन्द्र म.वि. इटकी, बेड़ो-2।
23. शीला कुमारी तिग्गा, स.शि. रा.प्रा.वि. गड़गाँव, कन्या इटकी, बेड़ो-2।
रिटायरमेंट के दिन ही लाभ वितरण – प्रशासन की बड़ी उपलब्धि
उपायुक्त ने विशेष जोर देते हुए कहा,
“सेवानिवृत्ति के ठीक उसी दिन पेंशन, ग्रेच्युटी एवं अन्य सभी रिटायरमेंट लाभ प्रदान करना जिला प्रशासन की संवेदनशीलता और कर्मचारी-हितैषी नीति का जीता-जागता प्रमाण हैं । यह प्रयास है कि हमारे शिक्षक बिना किसी चिंता के अपनी नई जिंदगी शुरू कर सकें।”

नई जिंदगी के लिए शुभकामनाएं एवं सलाह
शिक्षकों को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा:
“जीवन की इस नई पारी में आप सभी नई ऊंचाइयों को छुएं। स्वयं को व्यस्त रखें, समाज सेवा में योगदान दें, नई रुचियों को अपनाएं और परिवार के साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिताएं। ईश्वर आपको दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और सदा खुशहाली प्रदान करे।”


कार्यक्रम के संयोजन में सराहना
कार्यक्रम के सुचारु आयोजन के लिए उपायुक्त ने जिला शिक्षा अधीक्षक श्री बादल राज एवं उनके कार्यालय के समस्त कर्मचारियों का विशेष आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधीक्षक सहित अन्य सम्बंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

शिक्षक कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता
यह समारोह राँची जिला प्रशासन की उस निरंतर प्रतिबद्धता का हिस्सा है, जिसमें शिक्षकों एवं कर्मचारियों के सम्मान, कल्याण एवं समयबद्ध लाभ वितरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। ऐसे प्रयास न केवल सेवानिवृत्त व्यक्तियों का मनोबल बढ़ाते हैं, बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र में पारदर्शिता, संवेदनशीलता एवं विश्वास की भावना को मजबूत करते हैं।

जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त राँची, श्री मंजूनाथ भजंत्री ने सेवानिवृत्त शिक्षकों के सम्मान एवं पेंशन दरबार के सफल आयोजन के बाद एक महत्वपूर्ण संदेश देते हुए अन्य विभागों को भी इस तरह की पहल अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह आयोजन न केवल शिक्षकों के प्रति संवेदनशीलता दर्शाता है, बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र के लिए एक आदर्श मॉडल है।

अन्य सभी विभागों को भी इसी प्रकार के आयोजन की शुरुआत करनी चाहिए
कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री ने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा:
“अन्य सभी विभागों को भी इसी प्रकार के आयोजन की शुरुआत करनी चाहिए, ताकि सेवानिवृत्त होने वाले हर कर्मचारी को उनके योगदान के लिए उचित सम्मान मिले और रिटायरमेंट के ठीक उसी दिन सभी पेंशनरी लाभ (पेंशन, ग्रेच्युटी, लीव एनकैशमेंट आदि) उपलब्ध हो सकें।”

इस खास पहल की कड़ी में जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) कार्यालय भी शामिल हो
उपायुक्त ने खास तौर पर जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) कार्यालय को निर्देशित किया कि वे भी जल्द से जल्द इस तरह के पेंशन दरबार एवं विदाई सम्मान समारोह की शुरुआत करें।

उन्होंने कहा: “जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में इस पहल को तुरंत लागू किया जाए, ताकि राँची जिले के सभी सेवानिवृत्त शिक्षकों को नियमित रूप से यह लाभ और सम्मान मिल सके। इससे न केवल शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि शिक्षा विभाग में पारदर्शिता और कर्मचारी-केंद्रित दृष्टिकोण मजबूत होगा।”

शिक्षकों के कल्याण को प्राथमिकता देने वाली नीति
उपायुक्त ने इस बात पर बल दिया कि शिक्षक समाज के मूल निर्माणकर्ता हैं। उनकी सेवानिवृत्ति के बाद भी प्रशासन की जिम्मेदारी खत्म नहीं होती। ऐसे आयोजन करके हम यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि हर कर्मचारी सम्मानजनक तरीके से अपनी नई जिंदगी शुरू कर सके। उन्होंने अन्य विभागाध्यक्षों से अपील की कि वे इस मॉडल को अपनाकर अपने-अपने क्षेत्र में लागू करें।
यह निर्देश राँची जिला प्रशासन की उस व्यापक प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है, जिसमें कर्मचारियों—विशेषकर शिक्षकों—के सम्मान, कल्याण एवं समयबद्ध लाभ वितरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। जानकारी हो की जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय द्वारा पिछले वर्ष जनवरी 2025 से इसका हर माह आयोजन किया जा रहा है।
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