A Memorandum of Understanding (MoU) was exchanged for the establishment of the Krishnamurthy Tandon School of Artificial Intelligence at IIM Ahmedabad.
नई दिल्ली – भारतीय प्रबंधन संस्थान अहमदाबाद(आईआईएम अहमदाबाद) ने आज आईआईएम, अहमदाबाद में कृष्णमूर्ति टंडन स्कूल ऑफ आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस की स्थापना के लिए सुश्री चंद्रिका कृष्णमूर्ति टंडन और श्री रंजन टंडन के साथ एक समझौता ज्ञापन(MoU)पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता ज्ञापन भारत सरकार के शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान की गरिमामयी उपस्थिति में नई दिल्ली में तथा राजदूत श्री विनय क्वात्रा की वर्चुअल उपस्थिति में (संयुक्त राज्य अमेरिका से) संपन्न हुआ।

यह स्कूल आईआईएम अहमदाबाद के पीजीपी बैच 1975 की पूर्व छात्रा सुश्री चंद्रिका कृष्णमूर्ति टंडन और श्री रंजन टंडन द्वारा दिए गए 100 करोड़ रूपए के बड़े दान से स्थापित किया जाएगा।

 

इस अवसर पर बोलते हुए श्री धर्मेंद्र प्रधान ने आईआईएम,अहमदाबाद में कृष्णमूर्ति टंडन स्कूल ऑफ आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस की स्थापना के लिए समझौता ज्ञापन(MoU)के आदान–प्रदान पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट 2026 से पहले यह समझौता ज्ञापन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत द्वारा वैश्विक एआई महाशक्ति बनने की दिशा में उठाए जा रहे ठोस कदमों का एक मजबूत उदाहरण है।

श्री प्रधान ने कहा कि आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस लोगों, प्रगति और धरती को सशक्त करने वाला माध्यम बनेगा। भारत का एआई नेतृत्व सिर्फ प्रौद्योगिकी से नहीं, बल्कि हमारे संस्थानों और मानव संसाधन की मजबूती से आकार लेगा। माननीय मंत्री ने आईआईएम, अहमदाबाद की गौरवशाली पूर्व छात्रा चंद्रिका कृष्णमूर्ति टंडन जी और उनके पति रंजन टंडन जी द्वारा दिए गए 100 करोड़ रूपए से इस एआई स्कूल की स्थापना हेतु किए गए परोपकारी योगदान की सराहना की। यह पहल पूर्व छात्रों द्वारा अपने शिक्षण संस्थान को वापस देने की एक उत्कृष्ट परंपरा को स्थापित और सुदृढ़ करती है।

उन्होंने कहा कि कृष्णमूर्ति टंडन स्कूल ऑफ आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस भारत की एआई क्षमताओं को बढ़ाने, एआई को सबके लिए सुलभ बनाने, वैश्विक एआई अर्थव्यवस्था के लिए भारत में रोजगार सृजित करने तथा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप लोगों के जीवन को बेहतर बनाने और सामाजिक कल्याण के लिए वैश्विक प्रभाव उत्पन्न करने में एआई का इस्तेमाल करने की दिशा में कार्य करेगा।

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भारत में किसी प्रबंधन संस्थान के अंदर स्थापित एक अग्रणी आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस स्कूल के रूप में, कृष्णमूर्ति टंडन स्कूल ऑफ आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस प्रौद्योगिकी, प्रबंधन और सार्वजनिक प्रभाव के साथ कार्य करेगा। वैश्विक दृष्टिकोण के साथ, यह स्कूल एआई के जिम्मेदार और प्रभावी अनुप्रयोग के माध्यम से भारत की विशिष्ट एवं जटिल चुनौतियों के समाधान पर ध्यान केंद्रित करेगा।

आईआईएम अहमदाबाद का नेतृत्व, सुशासन और संस्थान निर्माण की पुरानी विरासत से प्रेरित यह स्कूल इस बात को आकार देना चाहता है कि आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस को किस प्रकार विकसित किया जाए, लागू किया जाए और शासित किया जाए, ताकि स्थायी व्यावसायिक और सामाजिक मूल्य का सृजन हो सके। यह एआई-संचालित विश्व में प्रबंधन शिक्षा के भविष्य को आगे बढ़ाने के आईआईएम अहमदाबाद के मिशन का स्वाभाविक विस्तार होगा।

बिज़नेस-केंद्रित और ट्रांसलेशनल एआई के एक केंद्र के रूप में परिकल्पित यह स्कूल विश्वस्तरीय संकाय सदस्यों, उद्योग जगत के अग्रणी लोगों, नीति निर्माताओं और वैश्विक भागीदारों को एक साथ लाएगा, ताकि एआई अनुसंधान और अनुप्रयोग की नई सीमाओं को परिभाषित किया जा सके। इसका अनुसंधान एजेंडा अनुप्रयोग-आधारित और केस-आधारित होगा, जो वास्तविक प्रबंधकीय, संस्थागत और सामाजिक चुनौतियों पर केंद्रित रहेगा। यह स्कूल अत्याधुनिक एआई अनुसंधान का व्यावहारिक समाधान, उपकरण, ढांचे और स्केलेबल प्रणालियों में बदलने पर फोकस करेगा जिन्हें लागू किया जा सके, जो फैसले लेने की क्षमता को बेहतर बनाए, उत्पादकता बढ़ाए और उद्योग, सरकार तथा समाज में जटिल चुनौतियों का समाधान करे।

इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. विनीत जोशी; भारतीय प्रबंधन संस्थान,अहमदाबाद के निदेशक प्रो. भारत भास्कर; संयुक्त सचिव (उच्च शिक्षा) श्री पूर्णेंदु बनर्जी तथा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

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