Congress, AAP and SP are playing politics of fear and confusion over Hon'ble Modi ji's voluntary and precautionary appeal instead of standing with the country in the time of global crisis.

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री गौरव भाटिया द्वारा मीडिया संबोधन

 कांग्रेसआप और सपा वैश्विक संकट के समय देश के साथ खड़े होने के बजाय माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की स्वैच्छिक एवं एहतियाती अपील को लेकर डर और भ्रम फैलाने की राजनीति कर रहे हैं।

जवाहरलाल नेहरूलाल बहादुर शास्त्री और इंदिरा गांधी की ऐसी ही एहतियाती अपीलों को कभी जिम्मेदार नेतृत्व कहा जाता थाजबकि आज उसी प्रकार की अपील पर यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की आलोचना की जा रही है।

जब दुनिया भर में पेट्रोल की कीमतें बढ़ रही हैंतब मोदी सरकार ने भारत में पेट्रोल की कीमतों को स्थिर रखकर मजबूत आर्थिक प्रबंधन और निर्णायक नेतृत्व का परिचय दिया।

जिस कांग्रेस ने भारत को “फ्रेजाइल फाइव” और दोहरे अंक की महंगाई के दौर में पहुंचायावही आज आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था पर सवाल उठा रही है।

कांग्रेस नेताओं ने गैस सिलेंडर की पुरानी तस्वीरें साझा कर लोगों को गुमराह करने का प्रयास कियालेकिन सच सामने आने के बाद उन्हें अपनी पोस्ट हटानी पड़ी।

जिस अरविंद केजरीवाल के बाथरूम में सोने का कमोड लगा थावही आज सोना खरीदने से बचने की अपील पर आपत्ति जता रहे हैं।

नई दिल्ली – भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री गौरव भाटिया ने आज मंगलवार को नई दिल्ली स्थित भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में मीडिया को संबोधित किया। श्री गौरव भाटिया ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की अपील पूरी तरह स्वैच्छिक, एहतियाती और राष्ट्रहित में है। देश में किसी भी आवश्यक वस्तु की कोई कमी नहीं है और सरकार ने तेल, गैस तथा विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने विपक्ष पर भ्रम, भय और पैनिक फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और समाजवादी पार्टी देशहित के मुद्दों पर भी राजनीति कर रही हैं। श्री भाटिया ने कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश हर चुनौती का मजबूती से सामना कर रहा है।

श्री गौरव भाटिया ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने हर देशवासी से एक अपील की है और 140 करोड़ भारतीय जनता माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के साथ खड़ी है। देशवासी इस बात के लिए प्रतिबद्ध हैं कि देश के लिए उनसे जो भी बन पड़ेगा, वह करेंगे। यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की यह अपील पूरी तरह से स्वैच्छिक और एहतियाती है। यह भी देखा गया है कि भारत में किसी भी आवश्यक वस्तु की कोई कमी नहीं हुई है। एक तरफ आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी देशहित में अपील करते हैं, जिसे भारत के नागरिक सिर आँखों पर रखते हुए कहते हैं कि वे देश के साथ खड़े हैं। वहीं दूसरी तरफ, यह भारत का दुर्भाग्य है कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और विपक्षी दलों के नेता अरविंद केजरीवाल ऐसे बयान दे रहे हैं, जिनसे यह प्रतीत होता है कि उन्हें यह जानकारी भी नहीं है कि युद्ध किन देशों के बीच हो रहा है। अरविंद केजरीवाल इराक और अमेरिका के बीच युद्ध की बात कह रहे थे और उसके बाद ज्ञान दे रहे थे।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि यह आजाद भारत के इतिहास में पहली बार नहीं है, जब एहतियातन किसी प्रधानमंत्री ने अपनी दूरदर्शिता के चलते देशवासियों से ऐसा आवाहन किया हो। इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री, पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने भी इसी प्रकार का आवाहन किया था। उस समय कांग्रेस पार्टी इसे जिम्मेदार नेतृत्व बताते हुए कहती थी कि एहतियातन ऐसी अपील की जा रही है। आज जब आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ऐसी अपील करते हैं, तब विपक्षी दलों को भी कंधे से कंधा मिलाकर देश के साथ खड़ा होना चाहिए, लेकिन वे इसे भारत की विफलता बताने का प्रयास कर रहे हैं। जनता आज पूछ रही है कि ये दोहरे मापदंड कैसे हैं। कांग्रेस पार्टी, आम आदमी पार्टी और समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव जिस प्रकार भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं, उसे जनता पूरी तरह से नकार रही है और ऐसी नकारात्मक तथा देशविरोधी राजनीति को स्वीकार नहीं कर रही है। यह अपील एक सकारात्मक पहल है और राष्ट्रहित में लिया गया साहसी निर्णय है।

श्री भाटिया ने कहा कि मेरे पास 13 जून, 2013 का पी. चिदंबरम का एक बयान है, जिसमें उन्होंने कहा था कि देशवासियों को सोना नहीं खरीदना चाहिए। उस समय कोई युद्ध जैसी स्थिति नहीं थी, फिर भी ऐसा कहा गया था। यह भी सत्य है कि कांग्रेस सरकार के दौरान ही भारत की अर्थव्यवस्था ‘फ्रैजाइल फाइव’ में शामिल हो गई थी और आज वही लोग उस अर्थव्यवस्था पर उंगली उठा रहे हैं, जो पूरे विश्व में ‘सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था’ के रूप में सबसे तेज गति से आगे बढ़ रही है। जहाँ यूपीए शासन के दौरान महंगाई दर 10 से 11 प्रतिशत तक पहुँच जाती थी, वहीं आज भारतीय अर्थव्यवस्था महंगाई जैसी समस्या से प्रभावित नहीं है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित बनाए रखने के उद्देश्य से अपील की कि लोग कम से कम एक वर्ष तक सोना न खरीदें और विदेशी यात्राओं से भी परहेज करें, ताकि विदेशी मुद्रा भंडार पर अनावश्यक दबाव न पड़े। यह आम आदमी की कोई मूलभूत आवश्यकता भी नहीं है।

श्री गौरव भाटिया आज अरविंद केजरीवाल का बयान भी आया। वो अरविंद केजरीवाल जिनके बाथरूम में सोने का पॉट लगा होता था उनको दिक्कत हो गई। सोना अगर नहीं खरीदेंगे तो बाथरूम में पॉट पर सोना कैसे लगेगा? जिनका ‘शीशमहल’ अय्याशी का अड्डा बन गया था और दिल्ली की जनता ने ऐसा करारा जवाब दिया, आम आदमी की टोपी भी गायब हो गई, मफलर भी गायब हो गया और स्वयं अरविंद केजरीवाल भी गायब हो गए। आम आदमी पार्टी का नाम आम आदमी और काम सारे वीआईपी कल्चर वाले। वो आम आदमी पार्टी आज बात कर रही है मिडिल क्लास की, मध्य वर्ग की। सवाल उठता है कि कुछ समय के लिए सोना नहीं खरीदना की अपील, विदेशी यात्रा पर ना जाने की अपील को आम आदमी पार्टी ने मध्य वर्ग से कैसे जोड़ दिया? मध्य वर्ग का सबसे बड़ा हितैषी अगर कोई है, तो वो आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी हैं।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि राहुल गांधी “कॉम्प्रोमाइज्ड पीएम” की बात करते हैं, जबकि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की रगों में बहने वाला खून का एक-एक कतरा देशहित और भारत के लिए समर्पित है। यदि कोई समझौता कर चुका है, तो वह राहुल गांधी हैं, जो विदेशी धरती पर जाकर भारत विरोधी ताकतों से बातचीत करते हैं और षड्यंत्र रचते हैं। राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल और अखिलेश यादव को यह बताना चाहिए कि युद्ध शुरू हुए 70 दिन हो गए, लेकिन क्या देश में तेल की कोई कमी हुई? क्या तेल के दाम बढ़े? ऐसा कुछ नहीं हुआ। आम जनता पर बोझ न पड़े, इसके लिए एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपये की कटौती की गई, ताकि पेट्रोल और डीजल की कीमतें न बढ़ें। सरकार ने इतने ठोस कदम उठाए कि देश में तेल और गैस के घरेलू उत्पादन में 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई, जिससे संभावित संकट को टालने में मदद मिली। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे को यह याद दिलाना आवश्यक है कि कांग्रेस शासन के दौरान देश की आर्थिक स्थिति क्या थी।

श्री भाटिया ने कहा कि उस समय सरकारी खजाना खाली होने की बात स्वयं तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कही थी। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर जब उनसे सवाल पूछा गया, तब सितंबर 2012 में उनका वक्तव्य था कि “पैसे पेड़ों पर नहीं लगते हैं।” वर्ष 2013-14 में भारत को राफेल जैसे लड़ाकू विमान नहीं मिल पाए। जब तत्कालीन रक्षा मंत्री ए. के. एंटनी से पूछा गया कि राफेल क्यों नहीं आए, तो उन्होंने कहा था कि खजाने में पैसे नहीं हैं। कांग्रेस सरकार के पास देश की सुरक्षा के लिए धन नहीं था, लेकिन वीवीआईपी चॉपर के लिए पैसे थे। सोनिया गांधी और राहुल गांधी के वीवीआईपी चॉपर इस्तेमाल के लिए धन उपलब्ध था, जबकि जवानों के पास बुलेटप्रूफ जैकेट तक नहीं थीं। आज गर्व के साथ यह कहा जा सकता है कि भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 750 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँचा था। पिछले दो महीनों में वैश्विक परिस्थितियों के कारण उसमें कुछ कमी अवश्य आई है, लेकिन इसके बावजूद भारत के पास आज भी लगभग 700 से 710 बिलियन अमेरिकी डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार मौजूद है। यह भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है। विपक्षी दल लगातार पैनिक फैलाने, भ्रम पैदा करने और लोगों को डराने की राजनीति कर रहे हैं। यही उनका उद्देश्य बन गया है।

श्री गौरव भाटिया ने कहा कि युद्ध शुरू होने के बाद प्रमुख विकसित देशों की स्थिति देखी जानी चाहिए। चीन में पेट्रोल 23 प्रतिशत महंगा हुआ, अमेरिका में 45 प्रतिशत, कनाडा में 30 प्रतिशत और ऑस्ट्रेलिया में 30 प्रतिशत तक कीमतें बढ़ीं, जबकि भारत में पेट्रोल की कीमतों में कोई वृद्धि नहीं हुई। यही भारत की ताकत है और यही आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का नेतृत्व है, जो यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि आम आदमी पर कोई आंच न आए। आज यह सवाल भी पूछा जाना चाहिए कि किस प्रकार भ्रम फैलाने की राजनीति की जाती है। जब भारत में गैस सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता थी, तब कांग्रेस पार्टी ने वर्ष 2011-12 की एक तस्वीर अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट की, जिसमें सिलेंडर के लिए लंबी कतारें दिखाई गई थीं। कांग्रेस ने यह कहकर भय और पैनिक फैलाने का प्रयास किया कि गैस सिलेंडर खत्म होने वाले हैं और लोग जल्द से जल्द सिलेंडर ले लें। उद्देश्य यह था कि समाज में डर का माहौल बने और जहाँ आवश्यकता नहीं है, वहाँ भी आम नागरिक अधिक से अधिक गैस सिलेंडर लेने लगें। बाद में जब यह तथ्य सामने आया कि वह तस्वीर वर्ष 2011-12 की थी, तब वह ट्वीट हटा दिया गया। इसके बावजूद राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने आज तक इसके लिए माफी नहीं मांगी।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि यह याद किया जाना चाहिए कि युद्ध जैसी परिस्थितियों के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कई देशों के जहाज़ फँस गए और वे वहाँ से निकल नहीं पा रहे थे। यह भारत की कूटनीतिक ताकत है कि उसी परिस्थिति में भारत के जहाज़ सुरक्षित रूप से भारत की ओर आ रहे थे। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने उस समय एक ट्वीट कर दावा किया था कि वे जहाज़ भारत नहीं आ रहे, बल्कि कहीं और जा रहे हैं। अंततः वही जहाज़ गैस लेकर भारत पहुँचे और उसके बाद वह ट्वीट हटा दिया गया। ऐसे कई उदाहरण हैं, जहाँ कांग्रेस नेताओं ने भ्रम फैलाने का प्रयास किया। कांग्रेस नेता कमलनाथ स्वयं यह कह रहे हैं कि गैस की कोई कमी नहीं है, लेकिन इसके बावजूद भ्रम फैलाने की राजनीति की जा रही है। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी की राजनीति का पर्याय ही अब नकारात्मकता और भ्रम फैलाना बन चुका है, जिसे जनता पूरी तरह से नकार रही है। अपील में यह भी कहा गया था कि यदि विदेश यात्रा अनिवार्य न हो, तो एक वर्ष तक उससे बचा जाए। हमें विश्वास है कि भारत के हर नागरिक ने इन सात अपीलों का पालन करने का संकल्प लिया है। लेकिन भारत के नेता प्रतिपक्ष हर 15 दिन में विदेशी यात्रा पर चले जाते हैं, इसलिए उन्हें इस अपील से दिक्कत होना स्वाभाविक है।

श्री भाटिया ने कहा कि हमने जिन तथ्यों को सामने रखा है, उन्हें पूरी जिम्मेदारी के साथ आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की बात को आगे बढ़ाते हुए रखा गया है। भारत में किसी भी आवश्यक वस्तु की कोई कमी नहीं है। विपक्ष को पैनिक और भ्रम की राजनीति नहीं करनी चाहिए तथा वे आपदा में अवसर खोजने और उसका आविष्कार करने की मानसिकता से बाहर आए। कोविड महामारी के दौरान भी विपक्ष ने इसी प्रकार की भूमिका निभाई थी, लेकिन भारत न केवल उस महामारी से सफलतापूर्वक उभरा, बल्कि पहले से अधिक मजबूत होकर सामने आया। वर्तमान वैश्विक संकट और चुनौतियों के बीच भी भारत के पास वह क्षमता और मजबूती है, जिसके बल पर देश इन परिस्थितियों का मजबूती से सामना करेगा और पहले से अधिक सशक्त होकर उभरेगा।

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