Unveiling of the Swasth Bharat Portal Integrating Fragmented Health Systems to Accelerate India's Digital Health Transformation
नई दिल्ली – भारत के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए स्वास्थ्य भारत पोर्टल का शुभारंभ हाल ही में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा द्वारा आयोजित नवाचार एवं समावेशिता विषय पर 10वें राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन के दौरान किया गया। यह शुभारंभ एक अधिक एकीकृत, कुशल और व्यापक डिजिटल सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली की ओर निर्णायक बदलाव का प्रतीक है।

पिछले कुछ वर्षों में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के तहत सेवा वितरण, निगरानी और रिपोर्टिंग में सहयोग हेतु कई डिजिटल अनुप्रयोग विकसित किए हैं। इन प्लेटफार्मों ने हालांकि बड़े पैमाने पर डिजिटल डेटा संग्रहण को सक्षम बनाया है, लेकिन ये काफी हद तक अलग-अलग ही संचालित होते रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप प्रयासों का दोहराव, खंडित डेटासेट और संसाधनों का सही उपयोग नहीं हुआ है।

इस चुनौती का समाधान करने के लिए स्वस्थ भारत पोर्टल को एक एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म के रूप में परिकल्पित किया गया है जो एपीआई-आधारित फेडरेटेड आर्किटेक्चर के माध्यम से मौजूदा कार्यक्रम प्रणालियों को एकीकृत करता है। यह अंतरसंचालनीयता और अभिसरण को सक्षम बनाता है, जिससे कार्यक्रमों में एक एकीकृत डिजिटल स्तर का निर्माण होता है। एक एकीकृत प्लेटफॉर्म के रूप में परिकल्पित यह कई राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों को एक ही इंटरफ़ेस पर लाता है, जिससे कई लॉगिन और बार-बार डेटा प्रविष्टि की आवश्यकता समाप्त हो जाती है और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं पर प्रशासनिक बोझ काफी कम हो जाता है, जबकि सभी स्तरों पर दक्षता में वृद्धि होती है।

भारत के अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्यकर्मियों, आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम, सीएचओ और चिकित्सा अधिकारियों (एमओ) को अक्सर कार्यक्रम रिपोर्टिंग के लिए कई एप्लिकेशन का उपयोग करने में काफी समय व्यतीत करना पड़ता है। स्वस्थ भारत पोर्टल एक ही प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराकर इस समस्या का समाधान करता है, जिससे डेटा तक आसानी से पहुंचा जा सकता है। इसमें डेटा विज़ुअलाइज़ेशन टूल और स्थानीय स्तर पर निगरानी और साक्ष्य-आधारित योजना के लिए डेटा का उपयोग करने की सुविधा भी उपलब्ध है। यह पोर्टल एबीडीएम के अनुरूप है और एबीएचए (आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता) के साथ एकीकरण का समर्थन करता है, जिससे रोगी स्वास्थ्य रिकॉर्ड का निर्बाध और सुरक्षित आदान-प्रदान संभव होता है। इसे एक व्यापक और अंतःसंचालनीय डिजिटल स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में विकसित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो आगे चलकर स्वास्थ्य सेवा पेशेवर रजिस्ट्री (एचपीआर) और स्वास्थ्य सुविधा रजिस्ट्री (एचएफआर) जैसी राष्ट्रीय रजिस्ट्रियों के साथ एकीकृत होगा।

स्वस्थ भारत पोर्टल में निम्नलिखित परिकल्पनाएं हैं:

  • बुनियादी ढांचे की पुनरावृत्ति को कम करना : विभिन्न कार्यक्रमों में स्वतंत्र होस्टिंग, स्टोरेज और कंप्यूट संसाधन बनाए रखे जाते हैं, जो स्वस्थ भारत योजना के माध्यम से इन्हें एकीकृत किए जाने पर कम हो जाएंगे।
  • बार-बार डेटा दर्ज करने की प्रक्रिया कम होगी : एक ही तरह का लाभार्थी डेटा जो कई सिस्टमों में दर्ज किया जाता था, अब एक ही प्लेटफॉर्म पर दर्ज किया जाएगा, जिससे बार-बार होने वाले काम कम हो जाएंगे।
  • एकीकृत मानव संसाधन कार्यान्वयन: सभी प्रोग्रामों में अलग-अलग विकास और रखरखाव टीमों की आवश्यकता होती है, एक एकीकृत प्रणाली से मानव संसाधन का बोझ कम होगा।
  • बेहतर अंतरसंचालनीयता : चूंकि सिस्टम एपीआई के माध्यम से फेडरेटेड आर्किटेक्चर पर डिज़ाइन किया गया है, इसलिए अंतरसंचालनीयता अधिक होगी।

स्वस्थ भारत पोर्टल से मौजूदा समय में विभिन्न कार्यक्रम विभागों द्वारा संचालित व्यक्तिगत पोर्टलों की तुलना में मानव संसाधन, समय और आईटी बुनियादी ढांचे के मामले में सरकार को काफी बचत होगी। स्वस्थ भारत पोर्टल एक एकीकृत, कुशल और विस्तार योग्य डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की ओर बदलाव को सक्षम बनाता है, जिससे दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि होती है।

  • बुनियादी ढांचा: लगभग 20-30 प्रतिशत की कमी
  • डेटा एंट्री में लगने वाला समय: लगभग 20-40 प्रतिशत की कमी
  • मानव संसाधन दोहराव: लगभग 20-40 प्रतिशत की कमी
  • निर्णय लेने की गति: बढ़ेगी

इस प्रकार स्वस्थ भारत पोर्टल भारत की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में अभिसरण, दक्षता और डेटा-संचालित शासन की दिशा में एक परिवर्तनकारी कदम का प्रतिनिधित्व करता है।

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