यह निरीक्षण ऑपरेशन क्लीन एयर के तहत सड़क सफाई और झाड़ू लगाने के उपायों के जमीनी स्तर पर कार्यान्वयन का आकलन करने और धूल, नगरपालिका ठोस अपशिष्ट संचय और संबंधित समस्याओं से ग्रस्त स्थानों की पहचान करने के लिए किया गया था।
निरीक्षण के लिए हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अधिकारियों सहित कुल 9 टीमें तैनात की गईं। टीमों ने 127 सड़क खंडों का निरीक्षण किया और समेकित निरीक्षण रिपोर्ट के हिस्से के रूप में निरीक्षण के दौरान एकत्र किए गए भू-टैग और समय-मुहर लगे फोटोग्राफिक साक्ष्य आयोग को प्रस्तुत किए।
निरीक्षण के निष्कर्षों से पता चला कि सड़क के कई हिस्सों में धूल का स्तर कम या न के बराबर था, लेकिन कुछ हिस्सों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। निरीक्षण किए गए कुल हिस्सों में से 17 में धूल का स्तर अधिक और 25 में मध्यम पाया गया, जबकि 66 हिस्सों में धूल का स्तर कम था और 19 हिस्सों में धूल बिल्कुल नहीं थी। अधिक धूल वाले हिस्से कई मामलों में ठोस अपशिष्ट (एमएसडब्ल्यू) और निर्माण एवं विध्वंस (सीएंडडी) कचरे के जमाव से संबंधित थे, विशेष रूप से प्रमुख गलियारों, चौराहों और सेवा सड़कों के किनारे खुले में कचरा जलाने के छिटपुट मामले भी देखे गए।
आयोग ने चिन्हित प्रदूषणकारी क्षेत्रों में तत्काल और निरंतर सुधारात्मक कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया, जिसमें गहन सफाई, नियमित जल छिड़काव, ठोस अपशिष्ट और निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट का शीघ्र संग्रहण और वैज्ञानिक निपटान तथा अपशिष्ट डंपिंग और खुले में जलाने से रोकने के लिए सख्त प्रवर्तन शामिल है। एमसीएफ को निगरानी तंत्र को मजबूत करने और धूल के पुनः संचय को रोकने के लिए सभी सड़क खंडों पर धूल नियंत्रण उपायों के एकसमान कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है।
‘ऑपरेशन क्लीन एयर’ के तहत निरीक्षण और प्रवर्तन अभियान पूरे क्षेत्र में नियमित रूप से जारी रहेंगे ताकि वैधानिक निर्देशों और जीआरएपी प्रवर्तन उपायों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके। सीएक्यूएम पूरे क्षेत्र में स्वच्छ, धूलरहित और सुव्यवस्थित सड़क अवसंरचना सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय में काम करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराता है।