डॉ मांडविया ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय खेल परिवेश अब अपनी युवावस्था में पहुंच चुका है। इसे हर संभव तरीके से मजबूत करना वक्त की जरूरत है ताकि इसका भविष्य उज्जवल हो। उन्होंने कहा, ‘‘हम आज जो फैसले कर रहे हैं वे एथलीट केंद्रित हैं। उनका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि खिलाड़ियों को उनकी जरूरत के अनुसार सर्वश्रेष्ठ अवसंरचना मिले ताकि हमने राष्ट्रमंडल खेलों और ओलंपिक के लिए पदकों का जो लक्ष्य सोचा है उस तक पहुंच सकें।’’
शासी निकाय ने जिन महत्वपूर्ण परियोजनाओं की सिफारिश की उनमें एसएआई नेताजी सुभाष दक्षिण केंद्र (एनएसएससी), बेंगलूरू के लिए पोलीग्रास पेरिस जीटी जीरो हॉकी टर्फ की खरीद शामिल है। एनएसएससी का उपयोग भारतीय पुरुष और महिला राष्ट्रीय और ‘ए’ हॉकी टीमों के प्रशिक्षण केंद्र के तौर पर किया जाता है।
शासी निकाय भारतीय दिग्गज और उदीयमान निशानेबाजों के प्रशिक्षण केंद्र कर्णी सिंह शूटिंग रेंज (केएसएसआर) में मौजूदा इलेक्ट्रॉनिक शूटिंग टारगेट की जगह लेजर टारगेट प्रणाली लगाने पर भी सहमत हुआ।
इन महत्वपूर्ण फैसलों के अलावा शासी निकाय ने गहन प्रशिक्षण और व्यापक एथलीट विकास के लिए एसएआई राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (एनसीओई) छत्रपति संभाजीनगर, एसएआई नेताजी सुभाष राष्ट्रीय खेल संस्थान (एनएसएनआईएस) पटियाला और एसएआई लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा महाविद्यालय (एलएनसीपीई) त्रिवेंद्रम में तीन बहुउद्देश्यीय हॉल के निर्माण को भी मंजूरी दी।
एसएआई एनसीओई छत्रपति संभाजीनगर में निर्मित हॉल में एक मौसमरोधी मुक्केबाजी प्रशिक्षण क्षेत्र, शक्ति और अनुकूलन क्षेत्र तथा वॉलीबॉल और बैडमिंटन के लिए इंडोर क्षेत्र होंगे। एसएआई एनएसएनआईएस पटियाला के हॉल से संस्थान की इंडोर प्रशिक्षण क्षमता बढ़ेगी तथा खेल प्रदर्शन, खेल विज्ञान सहयोग, अनूकूलन और स्वास्थ्यलाभ के लिए एक आधुनिक और समेकित परिवेश मिलेगा।
भारत के प्रमुख शैक्षिक संस्थान और उच्च प्रदर्शन प्रशिक्षण केंद्र एलएनसीपीई त्रिवेंद्रम को समूचे साल निर्बाध प्रशिक्षण और शिक्षण गतिविधियां सुनिश्चित करने के लिए एक नया बहुउद्देश्यीय हॉल प्रदान किया गया है।
शासी निकाय ने पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में एसएआई प्रशिक्षण केंद्र (एसटीसी) में 400 मीटर के 8 लेन वाले सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक के निर्माण को भी मंजूरी दे दी। निकाय ने इस बात पर गौर किया कि एसटीसी जलपाईगुड़ी एथलीटों के प्रशिक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभरा है। इसने सीमित अवसंरचना के बावजूद क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तरों पर लगातार सराहनीय प्रदर्शन किया है।
एसटीसी जलपाईगुड़ी के अलावा एसएआई मध्य क्षेत्रीय केंद्र (सीआरसी) भोपाल में भी नया सिंथेटिक ट्रैक लगाने को मंजूरी दी गई। इस केंद्र में कई खेलों से जुड़े एथलीट प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। यह देश को लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर के एथलीट देता रहा है जिनमें दो ओलंपियन भी शामिल हैं।
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