In view of the increasing cold, Ranchi district administration ensured arrangements for bonfires across the district.

उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी, राँची श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देशानुसार पूरे राँची जिले में आमजन, विशेषकर जरूरतमंद, बेघर, दिहाड़ी मजदूर, रिक्शा चालक, फुटपाथ पर सोने वाले तथा रात में ड्यूटी करने वाले व्यक्तियों के लिए अलाव की व्यापक व्यवस्था की गई

“जिला प्रशासन की प्राथमिकता है कि ठंड से किसी भी नागरिक को परेशानी न हो। हमने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि अलाव नियमित रूप से जलें और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त अलाव की व्यवस्था तुरंत की जाए।”:- उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी, राँची श्री मंजूनाथ भजन्त्री

राँची,03.12.2025 – राज्य सरकार के निर्देश के आलोक में बढ़ती शीत लहर और रात के तापमान में निरंतर गिरावट को ध्यान में रखते हुए उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी, राँची श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देशानुसार पूरे राँची जिले में आमजन, विशेषकर जरूरतमंद, बेघर, दिहाड़ी मजदूर, रिक्शा चालक, फुटपाथ पर सोने वाले तथा रात में ड्यूटी करने वाले व्यक्तियों के लिए अलाव की व्यापक व्यवस्था की गई है।

In view of the increasing cold, Ranchi district administration ensured arrangements for bonfires across the district.

जिला प्रशासन द्वारा राँची शहर के प्रमुख चौक-चौराहे में अलाव की व्यवस्था की गई है।

जिले के सभी 18 प्रखंडों के प्रखंड मुख्यालयों, पंचायत भवनों, प्रमुख हाट-बाजारों, प्रमुख चौक-चौराहों तथा जरूरतमंद आबादी वाले स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक प्रखंड में कई जगहों में अलाव जलाए जा रहे हैं।

In view of the increasing cold, Ranchi district administration ensured arrangements for bonfires across the district.

उपायुक्त ने इस संबंध में जिले के सभी अंचल अधिकारियों, प्रखंड विकास पदाधिकारियों को पूर्व में ही स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए थे कि अलाव की व्यवस्था प्रारंभ कर दी जाए तथा लकड़ी, केरोसिन आदि की कोई कमी न हो।

In view of the increasing cold, Ranchi district administration ensured arrangements for bonfires across the district.

उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि “जिला प्रशासन की प्राथमिकता है कि ठंड से किसी भी नागरिक को परेशानी न हो। हमने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि अलाव नियमित रूप से जलें और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त अलाव की व्यवस्था तुरंत की जाए।”

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