Major security lapse Air India plane falls 900 feet in the air after takeoff

सेफ्टी चीफ तलब; दोनों पायलट सस्पेंड

नई दिल्ली 02 Jully (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : एअर इंडिया की एक उड़ान में सुरक्षा को लेकर एक और गंभीर मामला सामने आया है। दिल्ली से वियना के लिए उड़ान भरने वाला बोइंग 777 विमान टेकऑफ के कुछ ही देर बाद हवा में करीब 900 फीट तक नीचे आ गया। इस घटना के बाद, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने कड़ी कार्रवाई करते हुए जांच पूरी होने तक दोनों पायलटों को उड़ान भरने से रोक दिया है।

क्या है पूरा मामला?

यह घटना 14 जून की है, जब एअर इंडिया की फ्लाइट AI-187 ने सुबह 2:56 बजे दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से वियना के लिए उड़ान भरी थी। टेकऑफ के तुरंत बाद विमान ने अचानक अपनी ऊंचाई खो दी, जिससे कॉकपिट में स्टॉल (विमान के गिरने की स्थिति) और ग्राउंड प्रॉक्सिमिटी वॉर्निंग सिस्टम सक्रिय हो गए। इस दौरान पायलटों को बार-बार ‘डोन्ट सिंक’ (नीचे मत जाओ) के अलर्ट मिल रहे थे।

हालांकि, एअर इंडिया के एक प्रवक्ता ने बताया कि पायलटों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए विमान को स्थिर कर लिया और चुनौतीपूर्ण मौसम के बावजूद उड़ान को सुरक्षित रूप से जारी रखा। विमान नौ घंटे और आठ मिनट की यात्रा के बाद वियना में सुरक्षित उतर गया।

डीजीसीए की सख्त कार्रवाई

एअर इंडिया ने बताया कि पायलट की रिपोर्ट मिलने के तुरंत बाद नियमों के अनुसार डीजीसीए को सूचित कर दिया गया था। बाद में विमान के रिकॉर्डर से डेटा मिलने पर आगे की जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीजीसीए ने भी विस्तृत जांच शुरू कर दी है और एअर इंडिया के सेफ्टी चीफ को स्पष्टीकरण के लिए तलब किया है।

एअर इंडिया की सुरक्षा पर लगातार उठ रहे सवाल

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब एअर इंडिया की सुरक्षा प्रक्रियाओं पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। यह मामला 12 जून को अहमदाबाद में हुए एक घातक हादसे के ठीक बाद हुआ, जिसमें लंदन जा रही एअर इंडिया की ड्रीमलाइनर फ्लाइट क्रैश हो गई थी और लगभग 270 लोगों की जान चली गई थी।

इसके अलावा, डीजीसीए द्वारा हाल ही में किए गए एक सुरक्षा ऑडिट में एअर इंडिया के बेड़े के रखरखाव में बार-बार लापरवाही की बात भी सामने आई है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि वियना उड़ान की घटना के पीछे मौसम की खराबी, कोई तकनीकी दिक्कत या पायलट की गलती जिम्मेदार थी। इस जांच के बाद एयरलाइन के सुरक्षा प्रोटोकॉल में बड़े बदलाव किए जा सकते हैं।

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