Delegation dispute is unnecessary, TMC is with the central government in the interest of the country Mamata Banerjee

तृणमूल प्रमुख ने कहा- लेकिन तृणमूल को शामिल करने से पहले हमसे पूछना था

कोलकाता 19 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । पाकिस्तान के खिलाफ केंद्र सरकार द्वारा गठित सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में तृणमूल कांग्रेस की गैर मौजूदगी के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि यह अनावश्यक विवाद है। सच तो यह है कि, राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस पूरी तरह केंद्र सरकार के साथ खड़ी है। सीएम ममता ने उक्त बात आज उत्तर बंगाल रवाना होने से पहले दमदम हवाई अड्डे पर कही।

उन्होंने कहा कि, तृणमूल प्रतिनिधि नहीं भेज रही है। इसका अर्थ यह नहीं है कि पार्टी केंद्र के निर्णय का विरोध कर रही है। हम न तो प्रतिनिधि भेजने से मना कर रहे थे और न ही ऐसा कोई निर्णय लिया गया था। लेकिन कायदे से देखा जाए तो केंद्र को प्रतिनिधि का नाम शामिल करने से पहले परामर्श लेना चाहिए था। केन्द्र ने बिना किसी जानकारी या परामर्श के अपने स्तर पर फैसला ले लिया। क्या यह उचित नहीं होता कि वे हमसे पहले पूछते।

ममता ने उक्त बात तब कही जब मोदी सरकार के द्वारा पहलगाम आतंकी हमले में पाकिस्तान और उसकी एजेंसियों के शामिल होने का काला चिट्ठा खोलने के लिए ये प्रतिनिधिमंडल भेजा जा रहा है। उक्त प्रतिनिधिमंडल में तृणमूल के बहरमपुर के सांसद य़ूसुफ पाठान का नाम रखा गया है। लेकिन तृणमूल का कहना है कि ऐसा पार्टी से बिना पूछे किया गया। बहरहाल तृणमूल कांग्रेस भारत के उस कूटनीतिक मोर्चे का हिस्सा नहीं होगी, जो ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान को बेनकाब करने के लिए विदेश भेजा जा रहा था।

तृणमूल कांग्रेस ने रविवार को ही केंद्र सरकार को जानकारी दी थी कि उनकी पार्टी सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा नहीं बनेगी। पहलगाम आतंकी हमले में पाकिस्तान और उसकी एजेंसियों के शामिल होने का काला चिट्ठा खोलने के लिए ये प्रतिनिधिमंडल भेजा जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, टीएमसी ने पार्टी के लोकसभा सांसद यूसुफ पठान को समूह में शामिल न होने को कहा है। युसूफ पठान को सात में से एक समूह में शामिल किया गया था। टीएमसी ने इस फैसले के पीछे कोई वजह नहीं बताई है।

इधर सीएम ममता ने कहा कि अगर केंद्र हमसे पूछता तो हम स्वयं प्रतिनिधि का नाम तय करते। लेकिन किसी को भी जानकारी नहीं दी गई। यहां तक कि मैं लोकसभा और राज्यसभा में पार्टी की चेयरपर्सन हूं, मुझे भी सूचित नहीं किया गया। हमारे किसी प्रतिनिधि का विदेश दौरे पर न जाना, इसका यह मतलब नहीं कि हम इसका बहिष्कार कर रहे हैं। तृणमूल कांग्रेस राष्ट्रीय सुरक्षा के मसले पर केंद्र के साथ खड़ी है। इस मुद्दे पर अनावश्यक विवाद नहीं होना चाहिए।

बहरहाल सीएम ममता बनर्जी ने यूसुफ पठान को प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने से रोक दिया है। बता दे कि, सरकार ने 58 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल दुनिया के तमाम देशों में भेजने का फैसला किया है। इसे सात समूहों में बांटा गया है, जो अलग-अलग देशों का दौरा करेगा। इसमें कुछ विदेश मामलों के जानकार भी शामिल हैं। एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले, शिवसेना प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी, कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद, एमजे अकबर जैसे दिग्गज इसमें शामिल हैं।

******************************