Home jharkhand_aas_paas बी॰पी॰एल॰सूची में दर्ज गलत नामों को हटाया जायेगा

बी॰पी॰एल॰सूची में दर्ज गलत नामों को हटाया जायेगा

108
0
SHARE

बी॰पी॰एल॰सूची में दर्ज गलत नामों को हटाया जायेगा

राँची,दिनांक-04.06.2015 माननीय अध्यक्ष विधान सभा श्री दिनेश उरांव ने कहा कि 80 प्रतिशत जनसंख्या को आच्छादित करने वाली महत्वकांक्षी योजना के रूप में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013, 1 जुलाई से राज्य में लागू होने जा रही है। उन्होंने कहा कि इस संगोष्ठी में अधिकांष सुझाव सुक्ष्म पहलुओं पर प्राप्त हुए हैं,प्राप्त सुझावों के प्रभावी क्रियान्वयन से योजनाओं की सफलता शतप्रतिषत की जा सकती है। उक्त बातें आज उन्होंने ए॰टी॰आई के सभागार में आयोजित राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 पर आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि जनवितरण प्रणाली में व्याप्त त्रुटियों को उच्च स्तरीय तकनीक का उपयोग कर सुधारा जायेगा। इस योजना की सफलता के लिये बी॰पी॰एल॰सूची में दर्ज गलत नामों को हटाया जायेगा तथा वंचितोें का नाम सूची में जोड़ा जायेगा।
मंत्री, खाद्य आपूर्ति विभाग श्री सरयू राय ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम का उदे्दष्य लोगों को सस्ती दर पर पर्याप्त मात्रा में उत्तम खाद्यान्न उपलब्ध कराना है ताकि उन्हें खाद्य एवं पोषण सुरक्षा मिले और वे सम्मान के साथ जीवन यापन कर सके। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण के माध्यम से किसी भी योग्य लाभूक को छुटने नहीं दिया जायेगा। अधिनियम के बेहतर क्रियान्वयन के उदे्दष्य से जनप्रतिनिधियों, एन॰जी॰ओ॰के सदस्यों से सुझाव आमंत्रित करने के लिये इस संगोष्ठी का आयोजन किया गया है। श्री राय ने कहा इस योजना को पारदर्षी बनाने के उदे्दष्य से बी॰पी॰एल॰सूची को सार्वजनिक स्थलों जैसे विद्यालय,पंचायत भवनों आदि में प्रदर्षित किया जायेगा ताकि गलत नामों पर आपति प्राप्त किया जा सके।
विधायक राधा कृष्ण किशोर ने अधिनियम के बेहतर क्रियान्वयन के लिये अपने सुझाव व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि हर बूथ पर व्यापक प्रचार प्रसार कर वंचितों को सूची में जोड़ा जाय।

खाद्य आपूर्ति सचिव श्री विनय कुमार चैबे ने इस अवसर पर अधिनियम के प्रावधानों पर विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि 60 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगो,विधवा एवं परित्यक्ता,40 प्रतिषत से अधिक विकलांग,आदिम जनजाति के सभी लोग,असाध्य रोग से पीड़ित सभी लोग एवं भिखारी एवं गृहविहिनों को खाद्य सुरक्षा अधिनियम के दायरे में लाया जायेगा। भारत सरकार एवं राज्य सरकार के अधीन कार्यरत कर्मी,आयकर,सेवाकर,वाणिज्य कर दाता,पांच एकड़ भूमि के स्वामित्व वाले ,चार पहिया वाहन के मालिक,तीन कमरों के पक्का मकान वाले,ए॰सी॰ वाषींग मषीन,फ्रीज का उपयोग करने वाले लोग अधिनियम के दायरे में नहीं आयेंगे। एक हजार की आबादी पर एक जनवितरण प्रणाली की दुकान खोली जायेगी।
इस अवसर पर विधायकों,समाज सेवियों स्वंय सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी अपने-सुझाव अधिनियम के बेहतर क्रियान्वयन के लिये दिया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here