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सेवा का कार्य ईश्वरीय कार्य है- श्री रघुवर दास

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राँची,दिनांक-25.06.2015  मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि सेवा का कार्य ईश्वरीय कार्य है। राज्य सरकार खोए-भटके हुए बच्चों को उनके घरवालों को सुपूर्द करने एवं घरवालों का पता नहीं चलने की स्थिति में उनके सुरक्षित पालन-पोषण एवं उन्हें हुनरमंद बनाने के लिए प्रयासरत है। पलायन एवं ट्रैफिकिंग के जाल से बचाई गई बच्चियों को सरकार हुनरमंद बनाकर उन्हें रोजगार से जोड़ेगी। लगभग 20 हजार पुनर्वासित बच्चे, बच्चियों एवं महिलाओं का कौशल विकास कर उन्हें आर्थिक रूप से स्वाबलम्बी बनाया जाना है। मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास कल्याण मंत्री डॉ लुईस मरांडी के साथ आज स्थानीय काँके प्रखण्ड के अरसंडे में नवनिर्मित नारी निकेतन ‘‘स्नेहाश्रय’’ का उद्घाटन कर रहे थे।
बाद में पत्रकारों से बात-चीत के क्रम में उन्होंने कहा कि सब को मिलकर राज्य का विकास करना है। विकास के कार्यों में सबकी भागीदारी होनी चाहिए। राज्य के विकास के संबंध में प्राप्त सकारात्मक सुझावों का स्वागत है। उन्होंने विभागीय पदाधिकारियों को निदेशित किया कि नारी निकेतन की व्यवस्था पुख्ता होनी चाहिए। स्थानीय ग्रामीणों से उन्होंने अपेक्षा की कि इस ट्रांजिट होम की व्यवस्था पर वे निगरानी रखें ताकि अंतेवासियों को कोई तकलीफ नहीं हो। उन्होंने ट्रैफिकिंग से मुक्त कराई गई किशोरियों से उनका कुशलक्षेम पूछा एवं उनके घरवालों से सम्पर्क कर उनके पुनर्वास हेतु आवश्यक कार्रवाई किए जाने का निदेश दिया। रांची के उपायुक्त को मुख्यमंत्री ने निदेशित किया कि नारी निकेतन के सम्पर्क पथ की तत्काल मरम्मति कराएं।
झारखण्ड महिला विकास समिति द्वारा संचालित इस नारी निकेतन में बेसहारा/पीड़ित/गुमशुदा/प्रताड़ना की शिकार एवं ट्रैफिकिंग से मुक्त कराई गई 30 बालिकाओं/किशोरियों/महिलाओं के अल्प अवधि के आवासन की व्यवस्था की गई है। इस दौरान काॅन्सिलिंग कर परिवार के साथ आपसी सामंजस्य स्थापित कराने सहित मेडिको-लीगल सहायता एवं किसी कौशल से जोड़ कर स्वावलम्बी बनाने के प्रयास किए जाएंगे। महिला हेल्पलाईन एवं राज्य के सभी पुलिस थानों को इस बाबत सूचित कर दिया गया है। वर्तमान में इस ट्रांजिट होम में ट्रैफिकिंग से मुक्त कराई गई पाँच पीड़िताओं को आश्रय दिया गया है।

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