Home jharkhand_aas_paas * रामनवमी के दौरान व्यवस्था बनायें रखे – मुख्य सचिव

* रामनवमी के दौरान व्यवस्था बनायें रखे – मुख्य सचिव

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* मुख्य सचिव ने सभी जिलों के उपायुक्त और वरीय पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक को दिये निदेश

* चौबीस घंटे कार्यशील रहे कंट्रोल रूम

* प्रभावी चेक पोस्ट बनाकर करें सघन जांच

* साम्प्रदायिक कांडों में संलिप्त अभियुक्तों पर हो ठोस कार्रवाई, पूर्व में दर्ज केसों में आरोप पत्र करें समर्पित

* निर्धारित मार्ग से ही निकाले जायेंगे जुलूस

* चिकित्सक एंबुलेंस और अग्नि शमन दस्ता की व्यवस्था सुनिष्चित करें

* ड्रोन से होगी संवेदनशील स्थलों की निगरानी

* भड़काउ सीडी और डीजे के उपयोग पर होगी पाबंदी

* वायरलेस आधारित संचार तंत्र के उपयोग पर जोर

रांची, 1.4.2017 – मुख्य सचिव श्रीमती राजबाला वर्मा ने राज्य के सभी जिलों के उपायुक्त/ वरीय पुलिस अधीक्षक/ पुलिस अधीक्षक को निदेश दिया है कि रामनवमी पर्व के दौरान विधि व्यवस्था को बनाये रखने में कोई भी कसर न छोड़ी जाय। उन्होंने पदाधिकारियों को निदेष दिया है कि शांति व्यवस्था कायम रखने के लिय थाना स्तर पर जवाबदेही सुनिष्चित की जाय साथ ही प्रत्येक थाना क्षेत्रों में प्रभावी चेक पोस्ट बनाकर सघन जांच की जाय। राज्य में रामनवमी षांति एवं सौहार्द के साथ मनायी जाए इस हेतु सभी व्यवस्था ससमय करें। व्यवस्था में किसी प्रकार की षिथिलता न हो इसे सुनिष्चित करें।
श्रीमती वर्मा ने निदेष में कहा है कि सभी जिलों के कंट्रोल रूम को 24ग7 कार्यषील रखा जाये तथा यह सुनिष्चित किया जाये कि सभी कंट्रोल रूम में अखाड़ा प्रायोजकों के नंबर उपलब्ध हों। उन्होंने निदेष दिया है कि विधि व्यवसथा के संधारण हेतु सभी अखाड़ा समितियों के साथ बैठक करें तथा मोहल्ला समिति एवं शांति समिति के सदस्यों को बतायें कि आकस्मिक स्थिति में क्या करें और क्या न करें। जिला से षांति व्यवस्था से संबंधित सूचना राज्य मुख्यालय के कंट्रोल रुम में भी दें। उन्होंने डूज और डोंट्स के विभिन्न स्थलों पर बोर्ड लगाने का भी निदेष दिया है। साथ ही निदेषित किया गया है कि सांप्रदायिक कांडों में संलिप्त व्यक्तियों तथा अभियुक्तों पर ठोस कार्रवाई की जाय तथा असामाजिक तथा अवांछनीय तत्वों के विरूद्ध कार्रवाई एवं पूर्व में दर्ज केसों में आरोप पत्र समर्पित किये जायें। पर्व के दौरान षराब न बिके इसे सुनिष्चित करें।
मुख्य सचिव ने निदेष दिया है कि नियंत्रण कक्ष प्रभावी हो और अतिरिक्त बल, वाहन, पदाधिकारी उपलब्ध रहने चाहिए। जुलूस निर्धारित मार्गाें से ही निकाले जायें तथा मार्ग में पड़ने वाले सभी संवदेनषील स्थानों में बैरिकेटिंग की व्यवसथा सुनिष्चित करते हुए उन स्थानों में सीसीटीवी कैमरा अधिष्ठापित करें एवं हवाई निगरानी के लिये ड्रोन से निगरानी सुनिष्चित की जाय। सभी अखाड़ा की विडियो रिकाॅडिंग कर इस रिकार्डिंग को सुरक्षित रखी जाए। जुलूस की पूरी विडियो रिकाॅडिंग की जाए। धार्मिक स्थानों की अनुवीक्षण भी की जाए। उन्होंने निदेष दिया है कि चिकित्सक, एम्बूलेंस तथा अग्निषमन दस्ता की व्यवस्था सुनिष्चित की जाय तथा वायरलेस संचार तंत्र को प्राथमिकता देने का निदेश दिया है।

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(FJB)

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