23-अप्रैल, 2015  चण्डीगढ़ 23 अप्रैल- हरियाणा प्रदेश के कृषि मंत्री श्री ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के दुख-सुख में हमेशा उनके साथ खड़ी है। किसानों की फसल के एक-एक दाने की खरीद सुनिश्चित की जायेगी और उनकी खराब फसल का मुआवजा भी 15 मई तक देना सुनिश्चित किया जायेगा। कृषि मंत्री आज पिपली अनाजमंडी, कुरूक्षेत्र में किसानों, व्यापारियों, एजेंसियों के अधिकारियों, पल्लेदारों आदि की समस्याओं को सुनने के उपरांत पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। श्री धनखड़ ने कहा कि किसानों को मुआवजे की राशि नुकसान के अनुसार कम या ज्यादा मिल सकती है लेकिन प्रदेश में औसतन 8500 रुपए प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 65 लाख एकड़ भूमि में कृषि की जा रही है, जिसमें से 13 लाख एकड़ फसल का नुकसान हुआ है। सरकार किसानों को मुआवजे के रूप में 1100 करोड़ की राशि मुहैया करवाएगी। इसके अतिरिक्त रबी सीजन के मुआवजे, बिजली बिलों, ऋण की ब्याज माफी, वैल्यू कट आदि राहतों के रूप में सरकार द्वारा दो हजार करोड़ रुपए का खर्च वहन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा किसानों को राहत देते हुए बिजली के बिल, ऋण पर ब्याज की राशि, ब्याज जीरो प्रतिशत करने, वैल्यू कट आदि पर भी लगभग 400-500 करोड़ रुपए वहन किए जायेंगे। इसी प्रकार गन्ने की राशि का भुगतान करने के लिए राज्य सरकार 600 करोड़ रुपये की राशि चीनी मिलों को मुहैया करवाएगी। किसानों को गन्ने की फसल का भुगतान तुरंत हो, इसके लिए निजी मिलों को भी 100 करोड़ रुपए की राशि मुहैया करवाएगी। कृषि मंत्री ने अनाजमंडी में करीब आधा दर्जन से ज्यादा गेहूं की ढेरियों से गेहूं को हाथों में लेकर उनकी नमी, गेहूं के टूटे दाने और काले दाने तथा सिकुड़े हुए दाने का जायजा लिया। उन्होंने झारनों से गेहूं की सफाई के कार्य को देखा और एक जगह गेहूं के कट्टे का तोल करवाया। इसके पश्चात उन्होंने किसानों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने बताया कि मंडी में किसानों की कोई शिकायत नहीं है क्योंकि हर प्रकार की कटौती के लिए सरकार ने स्वयं जिम्मेवारी ली है। हरियाणा के पांच जिलों-सोनीपत, जींद, पलवल, फरीदाबाद और मेवात में एफसीआई ने 90 प्रतिशत तक गेहूं के काले दाने और कट आदि को लेना स्वीकार कर लिया है। बाकी जिलों में एफसीआई शीघ्र ही इस प्रकार की अनुमति प्रदान कर देगी। इसके लिए सरकार द्वारा बातचीत की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार जहां व्यापारियों, किसानों को मुआवजा देने का काम कर रही है, वहीं मजदूरी करने वाले पल्लेदारों के मेहनतनामे में भी 50 पैसे का इजाफा किया है। इस बार मंडियों में 8 करोड़ क्विंटल गेहूं की आवक का अनुमान था लेकिन खराब मौसम के कारण अब मंडियों में करीब साढे 6 करोड़ तक गेहूं पहुंचने की संभावना है। इसमें से 3.10 करोड़ क्विंटल गेहूं मंडियों में पंहुच चुका है। सरकार की तरफ से मजदूरों को एक रुपया प्रति क्विंटल यानि 50 पैसा प्रति कट्टा के हिसाब से भुगतान किया जाएगा। एक प्रश्न का जवाब देते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि दिल्ली में एक जनसभा में किसान द्वारा आत्महत्या करने का मामला दुर्भाग्यपूर्ण है। करीब 74 मिनट तक किसान पेड़ पर लटका रहा और नेता भाषण देते रहे। एक अन्य प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि बोनस के लिए मांग की गई है और सरकार हमेशा किसान के साथ है। इस मौके पर थानेसर से विधायक सुभाष सुधा, लाडवा से विधायक डा. पवन सैनी, पानीपत से विधायक महीपाल ढांढा तथा उपायुक्त सीजी रजनीकांथन सहित जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी मौजूद थे।

 

 

 

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