धनबादः- धनबाद के उपायुक्त ने सभी विद्यालय को निदेश दिया गया कि वे अपने-अपने विद्यालय में प्रबंधन समिति का गठन करें। जिसके तीन चैथाई सदस्य छात्र/छात्राओं के माता-पिता/अभिभावक होगें। उन्होंने कहा कि अब विद्यालय में बच्चों को न तो किसी प्रकार का शारीरिक दण्ड दिया जायेगा और न ही उन्हें किसी भी प्रकार की मानसिक प्रताड़ना दी जायेगी। इसका उल्लघंन होने पर विभाग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप विद्यालय/शिक्षक पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी विद्यालयों के प्राचार्य को निर्देश दिया बी0पी0एल0 में नामांकित बच्चे संबंधित कक्षा के अन्य बच्चो के साथ ही बैठकर पढे़गंे। वे आज निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम-2009 के संबंध में बैठक कर रहे थे।

बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी ने निःशुल्क एवं बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 के प्रावधानों की जानकारी दी। विद्यालय के कुल सामर्थ संख्या का 25 प्रतिशित सीट पर विद्यालय के आस-पास के बी0पी0एल0 धारी अभिभावकों के बच्चों का नामाकंन के लिए आरक्षित रहेगा। इसके तहत 30 अप्रैल तक सभी विद्यालयों में बी0पी0एल0 बच्चों का नामाकंन लेना है। नामाकंन के क्रम में बच्चों तथा उनके अभिभावकों का कोई साक्षात्कार एवं कोई ब्ंचपजंजपवद मिम नहीं लिया जायेगा। उन्होंने कहा कि जहाँ जन्म,मृत्यु और विवाह प्रमाणीकरण प्रमाण-पत्र उपलब्ध नहीं है वहाँ अस्पताल या सहायक नर्स और दाई रजिस्टर अभिलेख, आँगनबाड़ी अभिलेख, माता-पिता या अभिभावक द्वारा बालक की आयु की घोषणा स्वीकृत होगी। वैसे बच्चे जिनका उम्र 6 साल से अधिक है और किसी विद्यालय में उनका नामांकन नही हुआ है अथवा नामाकंन हुआ है लेकिन उसके द्वारा प्रारंभिक शिक्षा पूरा नहीं किया गया है, वैसे बच्चों को उनकी उम्र के अनुसार कक्षा में नामांकन लेना है, तथा ऐसे बच्चों के शिक्षा में अन्तर को दूर करने के लिए विशेष प्रशिक्षण का आयोजन करना है।

जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कहा कि कक्षा 8 (आठ) तक किसी बच्चे को न तो विद्यालय से निष्कासित किया जायेगा और न ही किसी कक्षा में रोका जायेगा एवं इसका उल्लघंन होने पर संबंधित विद्यालय/शिक्षक के विरूद्ध कार्रवाई की जायेगी।

बैठक में अपर जिला दंण्डाधिकारी, विधि व्यवस्था ने कहा कि जिस विद्यालय में बच्चें बस के अतिरिक्त अन्य वाहनो से आते है। स्कूल प्रबंधन उन वाहनो का फिटनेस सर्टिफिकेट तथा चालक का लाईसेंस जरूर देखंे। बैठक में उपस्थित प्राचार्य के द्वारा बताया गया कि उनके विद्यालयों द्वारा कैपिटेशन फी या री-एडमिशन फी नही लिया जाता है।

बैठक में जिला शिक्षा अधीक्षक, विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्य तथा अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।

 

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