मुख्यमंत्री जनसंवाद केंद्र की साप्ताहिक समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री के सचिव ने की 20 मामलों की समीक्षा

*जनसंवाद की शिकायतों के निष्पादन में गंभीरता बरतने का दिया निर्देश

राँची, 22.05.2018 – मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सह सूचना जनसम्पर्क विभाग के सचिव श्री सुनील कुमार वर्णवाल ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ जनता को ससमय मिले, यह सुनिश्चित करें। जिले में अधूरी पड़ी योजनाओं को अनाबद्ध राशि से पूर्ण करें। इस बात का निर्देश मुख्यमंत्री ने सभी उपायुक्त को काफी पहले दे दिया है, बावजूद इसके अभी तक इस तरह की शिकायतें आ रही हैं। अपने स्तर से अधिकारी मामलों में संज्ञान लेना सुनिश्चित करें। श्री वर्णवाल आज सूचना भवन सभागार में मुख्यमंत्री जनसंवाद केंद्र में दर्ज व लंबित शिकायतों की समीक्षा कर रहे थे। विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आज उन्होंने 20 मामलों की समीक्षा की एवं आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिये।

समीक्षा के दौरान श्री बर्णवाल ने कई अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर कार्य समय पर पूर्ण नहीं होने पर एक अधिकारी को निलंबित करने का निदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनसंवाद केंद्र में आई शिकायतों को गंभीरता से नहीं लेने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। जनसमस्याओं के निष्पादन में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बढ़ती गर्मी को देखते हुये बिजली व पानी से जुड़ी शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर त्वरित गति से निष्पादित करने का निर्देश दिया।

पलामू के हैदरनगर में पेयजलापूर्ति 2014 से बंद है। विभाग के द्वारा रिपोर्ट भेजी गई कि मोटर खराब होने के कारण जलापूर्ति बंद है। पूछे जाने पर पेयजल विभाग के कार्यपालक अभियंता ने कहा कि स्टेबलाइजर खराब होने के कारण जलापूर्ति में समस्या हो रही है, इसके लिए मुखिया को निर्देशित किया गया है। इसपर श्री वर्णवाल ने कहा कि यह आपकी जिम्मेवारी बनती है कि वहाँ पेयजल उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर एक सप्ताह के अंदर जलापूर्ति शुरू करें।

धनबाद के नयाडीह गाँव में दो वर्ष पूर्व पेयजलापूर्ति हेतु बोरिंग किया गया, परंतु अब तक आगे की कोई कार्रवाई नहीं हो पायी है। इस मामले में बताया गया कि 18 मई को तकनीकी स्वीकृति हेतु डीडीसी को प्रस्ताव समर्पित किया गया है उसके बाद काम किया जाएगा। श्री वर्णवाल ने कहा कि जनसंवाद केंद्र में मामले आने और साप्ताहिक समीक्षा के लिए शिकायत के चयन होने के बाद विभाग ने पत्राचार शुरू किया है। उन्होने डीडीसी को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया व नोडल अधिकारी को कहा कि जनसंवाद की शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिए तो आपके ऊपर भी कार्रवाई होगी।

देवघर के बलराईडीह के ग्राम प्रधान पीताम्बर यादव को 2016 से मानदेय भुगतान नहीं किया जा रहा था। इसकी शिकायत आने पर वहाँ के सीओ ने रिपोर्ट भेजी कि उन्हें मानदेय भुगतान नहीं होने की कोई जानकारी नहीं है। वर्तमान में आवंटन उपलब्ध नहीं होने के कारण भुगतान नहीं हो पा रहा है। श्री वर्णवाल ने इस मामले में देविपुर के सीओ को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया और भुगतान की दिशा में कार्रवाई का भी निर्देश दिया।

चाईबासा में पदस्थापित सब-इंस्पेक्टर अशोक दूबे की 2013 में सारंडा जंगल में सर्च अभियान के दौरान सर्पदंश से मौत हो गई थी। मृत्यु के उपरांत इन्हें सरकार के द्वारा अनुग्रह अनुदान की राशि 10 लाख रुपए में 5 साल बाद भी सिर्फ 3.5 लाख का भुगतान हुआ है। इस मामले में गृह, कारा व आपदा प्रबंधन विभाग की नोडल अधिकारी ने बताया कि राशि अभी तक अप्राप्त है इसलिए भुगतान नहीं हो पाया है। मुख्यमंत्री के सचिव ने नोडल अधिकारी को पूरे मामले में विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर भेजने का निर्देश दिया। साथ ही अविलंब भुगतान का निर्देश देते हुये कहा कि किसी भी कीमत पर इस तरह के मामलों को लंबित नहीं रखें।

कोडरमा के डोमचांच में वर्ष 2006 में आँगनबाड़ी केंद्र का भवन बनना था। भवन निर्माण शुरू तो हुआ परंतु अब तक अधूरा है। 11 साल से भी अधिक समय से अधूरे भवन में ही बच्चों को बैठना पड़ता है। इस मामले में बताया गया कि दो माह में भवन निर्माण पूरा कर लिया जाएगा।

श्री वर्णवाल ने इस मामले में उपायुक्त को पत्र लिखने का निर्देश दिया साथ ही कहा कि इतनी संवेदनशीलता तो होनी चाहिए कि खुद से भी इस क्षेत्र में कार्य करें। उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर दो माह के अंदर भवन निर्माण कार्य पूर्ण करें अन्यथा कार्रवाई होगी।

खूंटी के शशिभूषण पांडा का मकान वर्ष 2016 में आए तूफान में क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद अब तक इन्हें आपदा राहत के तहत मिलने वाली सहायता राशि नहीं दी गई है। इस मामले में नोडल अधिकारी ने बताया कि आकलन करने के उपरांत ही भुगतान कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री के सचिव ने तत्काल उपायुक्त को पत्र लिखते हुये मामले की जांच कराने का निर्देश दिया। साथ ही तत्कालीन सीओ को भी कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। श्री वर्णवाल ने कहा कि अविलंब सहायता राशि का भुगतान करें।

एक अन्य मामले में 2017 में ही चतरा से अपहृत भुईनी देवी के अब तक कोई सुराग नहीं मिलने के मामले में एआईजी टु डीजीपी डॉ. शम्स तबरेज ने चतरा डीएसपी से पूछताछ की। चतरा डीएसपी ने बताया कि इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है परंतु कुछ सफलता नहीं मिली है। इस मामले में श्री तबरेज ने निर्देश देते हुये कहा कि मामले में अन्य बिन्दुओं पर भी जांच करें। अनुसंधानकर्ता थोड़ी और गंभीरता बरतें। अपहृता की अविलंब बरामदगी सुनिश्चित करें।

समीक्षा बैठक में सड़क निर्माण विभाग, नगर विकास विभाग, गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, गिरिडीह, पश्चिम सिंहभूम, जामताड़ा, राँची, उच्च शिक्षा सहित कई जिले व अन्य विभागों से जुड़ी शिकायतों की भी समीक्षा की गई। सभी जिले व विभागों के नोडल अधिकारियों को शिकायतों के निष्पादन में तेजी लाने का निर्देश दिया गया।

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(FJB)

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