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जिन इलाकों में गरीबी ज्यादा है उन इलाकों को चिन्हित करें – मुख्यमंत्री

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*मुख्यमंत्री ने कि गिरिडीह के नक्सल प्रभावित पीरटाँड तथा भेलवाघाटी का फोकस एरिया के डेवेलोपमेंट की समीक्षा।

*1985 से पहले से अवैध बस्ती में बसे लोगों को पट्टा दिया जाएगा।

*हर गाँव को मुख्य पथ से जोड़ा जाने का कार्य करें।

*2018 के अंत तक गिरिडीह के घर-घर में बिजली पहुँच सके – मुख्यमंत्री

गिरिडीह, 31.03.2018 –   मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि जिन इलाकों में गरीबी ज्यादा है उन इलाकों को चिन्हित करें। बेरोजगारी तथा गरीबी की वजह से युवा भटक कर नक्सलवादियों के साथ जुड़ जाते है। उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढावा दे। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार हेतु प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए ताकि वे स्वरोजगार के माध्यम से अपनी आजीविका चला सके। श्री दास ने कहा कि झारखण्ड की महिलाएँ बहुत मेहनती है। हमें महिला शक्ति को राज्य शक्ति बनाना है। महिलाओं का स्वयं सहायता समूह बना कर, उन्हें रेडी टू इट, मुर्गी पालन, मुर्गी से अंडा उत्पादन, सैनेटरी नैपकीन निर्माण जैसे कार्यों से जोडा जाये। श्री दास आज नक्सल प्रभावित पीरटाँड तथा भेलवाघाटी का फोकस एरिया के डेवेलोपमेंट की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि 1985 से पहले से अवैध बस्ती में बसे लोगों को पट्टा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने एंटी नक्सल ऑपरेशन में सफलता के लिए गिरिडीह पुलिस को बधाई दी तथा कारवाई और तेज करने का निदेश दिया।

श्री दास ने निदेश दिया कि नाबार्ड से 1500 करोड़ रू. ऋण लेकर हर गाँव को मुख्य पथ से जोड़ा जाने का कार्य करें। उन्होंने विद्युत विभाग के कार्यों की गति तेज करने का  निदेश दिया ताकि 2018 के अंत तक गिरिडीह के घर-घर में बिजली पहुँच सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी विद्यालय के विद्यार्थियों का ड्रेस बनाने का काम स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से करवायें। ग्रामीण क्षेत्रों खासकर आदिवासी महिलाओं में साक्षरता का दर बढाने हेतु विशेष प्रयास करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि घंटा आधारित शिक्षकों की नियुक्ति कर विद्यालय में शिक्षकों की कमी को शीघ्र दूर करें। जिला स्तर पर संविदा के आधार पर ए0एन0एम की नियुक्ति करे ताकि स्वस्थ्य सेवा बेहतर हो सके। उन्होने कहा कि पलायन की समस्या वाले क्षेत्रों को चिन्हित करें। वहाँ के युवाओं को रोजगार हेतु प्रशिक्षण उपलब्ध कारायें ताकि उन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार प्राप्त हो सके। सरकार बहुत बड़ी खरीदार है। स्थानीय कारीगारों का समूह बनाया जाएगा। सरकार उनके उत्पादों को खरीदेगी। विद्यालयों के डेस्क बेंच निर्माण का कार्य स्थानीय कारीगरों को दिये जाने से स्थानीय कारीगरों को रोजगार मिला, विद्यालयों को गुणवतापूर्ण सामान काफी कम कीमत में प्राप्त हुआ।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि वैसे गाँव जहाँ 50 प्रतिशत से ज्यादा आबादी आदिवासियों की है, उस गाँव में आदिवासी विकास समिति का गठन करें तथा जिस गाँव में आदिवासियों की आबादी 50 प्रतिशत से कम है वहाँ ग्राम विकास समिति का गठन करें। इन समितियों की अध्यक्ष महिला होगी। ये समितियाँ गाँव के लिये योजनाओं का चयन तथा क्रियान्वन का कार्य करेगी। इन संस्थाओं के निर्माण का उदेश्य विकास कार्यों में जनता की भागीदारी बढाना है। जनता की भागीदारी बढने से ही योजनाएँ सफल होगी।

उपायुक्त श्री मनोज कुमार ने बैठक में बताया कि नक्सल प्रभावित पीरटाँड तथा भेलवाघाटी का फोकस एरिया के रूप  में चयन किया गया है। पीरटाँड तथा पारसनाथ क्षेत्र में ग्रामीणों के साथ बैठक कर सड़क, पेयजल शिक्षा तथा  स्वस्थ्य इत्यादि से सबंधित योजनाएँ बनाई गई है। उन्होंने कहा कि गिरिडीह जिला में पीरटाँड में कौशल विकास केन्द्र की स्थापना की गई है तथा आइसेक्ट के द्वारा युवाओं को कम्प्यूटर रिपेयरिंग, विद्युत उपकरण रिपेयरिंग इलेक्ट्रिसियन इत्यादि का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

बैठक में उपायुक्त श्री सुरेन्द्र कुमार झा, उपविकास आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारि गिरिडीह तथा अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

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(FJB)

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