Home jharkhand जनजातीय बन्धुओं को वनाधिकारी कानून के मुताबिक उनके अधिकार दिलाएंगे – मुख्यमंत्री...

जनजातीय बन्धुओं को वनाधिकारी कानून के मुताबिक उनके अधिकार दिलाएंगे – मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास

77
0
SHARE
????????????????????????????????????

????????????????????????????????????

????????????????????????????????????

????????????????????????????????????

????????????????????????????????????

जनजातीय बन्धुओं को वनाधिकारी कानून के मुताबिक उनके अधिकार दिलाएंगे।

राँची,दिनांक-01.06.2015 मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि कल्याण विभाग, राजस्व भूमि सुधार विभाग तथा वन एवं पर्यावरण विभाग एक साथ मिलकर1 से 14 जून तक वनाधिकार अधिनियम के अन्तर्गत वन अधिकार के पटट्ा वितरण का विशेष अभियान चलायें। उन्होंने कहा कि सदियों से हमारे जनजातीय भाईयों ने वनों की रक्षा की है। मान-सम्मान के साथ उन्हें उनका अधिकार दिलाना सरकार की जिम्मेवारी है। वे आज स्थानीय श्रीकृष्ण लोक प्रशासन संस्थान में श्वन अधिकार अधिनियम 2006 के अन्तर्गत विशेष अभियान’’ का शुभारम्भ कर रहे थे। इस मौके पर जनजागरूकता हेतु उन्होंने सूचना रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया एवं लाभुकों के बीच वनाधिकार पट्टों का वितरण भी किया।
मुख्यमंत्री श्री दास ने कहा कि तीनों विभाग आपस में इस तरह का समन्वय रखेंगे कि किसी भी हाल में लाभुकों को उनके हक से वंचित नहीं रहना पड़े। इस अभियान में ग्राम सभाओं, पंचायती राज संस्थाओं एवं गैर सरकारी संगठनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने उपस्थित पदाधिकारियों से अपेक्षा की कि वे पूरी संवेदनशीलता के साथ जनजातीय बन्धुओं को वनाधिकारी कानून के मुताबिक उनके अधिकार दिलाएंगे। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के प्रति माननीय प्रधानमंत्री जी की गम्भीरता को ध्यान में रखते हुए पूरी मुस्तैदी के साथ लक्ष्य को अंजाम देना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलों के उपायुक्त अपने जिले के राजस्व एवं भूमि-सुधार विभाग, कल्याण विभाग तथा वन एवं पर्यावरण विभाग के अपने क्षेत्राधीन पदाधिकारियों की समन्वय बैठक कर उनका लक्ष्य निर्धारित करेंगे तथा 1 से 14 जून तक विशेष रूप से सघन अभियान चलायें। उन्होंने कहा कि झारखण्ड प्रदेश अपनी हरीतिमा के कारण ही आॅक्सीजन उत्पन्न करने वाला राज्य है। अतएव हम सबों का नैतिक दायित्व बनता है कि वनों के संरक्षण करने वाले लोगों के कल्याण हेतु आगे आयें। आज भी राज्य के सुदूर क्षेत्रों में जनजातीय समाज के बच्चों को शिक्षा-स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध नहीं होना गम्भीर चिंता की बात है। इस स्थिति को बदलना होगा। प्रत्येक जिले के दिनानुदिन लक्ष्यों एवं लक्ष्य-प्राप्तियों की समीक्षा प्रतिदिन राज्य मुख्यालय में की जाएगी।
कल्याण मंत्री श्रीमती लुईस मरांडी ने कहा कि हर आदमी को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए। समाज के पढ़े-लिखे लोगों से उन्होंने अपील की कि आज के कार्यक्रम में वन अधिकार अधिनियम, 2006 के विभिन्न प्रावधानों पर हो रही विस्तृत चर्चा के बिन्दुओं से लाभुकों को अवगत कराएं एवं इस अभियान से जुड़ कर अधिक से अधिक लक्षित समुदायों के लोगों को वन अधिकार का पट्टा उपलब्ध कराने में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
स्वागत सम्बोधन सचिव, कल्याण विभाग, श्रीमती वंदना डाडेल का था एवं धन्यवाद ज्ञापन मुख्य प्रधान वन संरक्षक श्री बी0सी0 निगम ने किया। सचिव, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग श्री के0के0सोन ने वन अधिकार अधिनियम, 2006 के विभिन्न प्रावधानों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर पैक्स एवं झारखण्ड वनाधिकार मंच के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here