मैं व्यवस्था में बदलाव के लिए आया हूँ – मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास

cmjharkhand-finaljustice.incmjharkhand-finaljustice.in0 cmjharkhand-finaljusticeदिनांक 24.05.2015 दुमकाः- संताल परगना की बदहाली दूर होगी। विकास ही सभी समस्याओं का निदान है। आइए, हम सब मिलकर संताल परगना में विकास की बयार बहाएं। मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने आज यह बात संथाल परगना प्रमंडल के आंगनबाड़ी सेविकाओं, सहायिकाओं, ए0एन0एम0, परम्परागत ग्राम प्रधान एवं पंचायत प्रतिनिधियों आदि को दुमका के आउटडोर स्टेडियम में आयोजित समारोह में संबोधित करते हुए कहा। सबसे पहले मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रधानों, सेविका, सहायिका, ए0एन0एम0 आदि से सीधे जुड़ते हुए उनकी समस्याओं को सुना। मुख्यमंत्री को बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी सेविकाओं, सहायिकाओं, ए0एन0एम0, परम्परागत ग्राम प्रधान एवं पंचायत प्रतिनिधियों आदि ने अपने दुःख-दर्द से रूबरू किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरी कथनी और करनी में कोई अन्तर नहीं होगा। सुशसन और विकास मेरा ध्येय है और राजनीति में मैं व्यवस्था में बदलाव के लिए आया हूँ। गरीबी और समस्याओं से मेरा भी जीवन गुजरा है। पर मेरी नीयत नेक है और विकास का जुनून है तो मुझे विष्वास है ईष्वर भी साथ देगा। संताल परगना कि बदहाली दूर होगी। मैं सत्ता में मेवा खाने नहीं बल्कि अंतिम व्यक्ति के आँसू पोंछने आया हूँ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि षिक्षा सबको गुणवत्तापूर्ण मिले यह मेरा ध्येय होगा। 15 अगस्त 2015 तक शिक्षकों की नियुक्ति पूरी कर ली जाएगी। बच्चों को मातृभाषा में षिक्षा मिले इसके लिए क्षेत्रीय भाषाओं के शिक्षक बहाल होंगे। दो वर्ष के अंदर यह शिक्षित प्रदेश होगा। स्कूल चले चलायें अभियान तबतक जारी रहेगा जबतक सम्पूर्ण शिक्षा को हम सुनिष्चित न कर लें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वित्तीय वर्ष में आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका का जीवन बीमा 1 लाख रू0 करने का प्रावधान किया गया है। एक माह के भीतर बीमा कम्पनियों से वार्ता कर इसे लागू कर दिया जाएगा।
श्री रघुवर दास ने कहा कि श्रम विभाग द्वारा अन्तर्राज्यीय प्रवासी मजदूर परिवार के सदस्य की आकस्मिक मृत्यु या दूर्घटना होने पर 1.5 लाख रू0 मुआवजा का प्रावधान किया गया है। इसके लिए पलायन करने से पूर्व पंचायत में प्रवासी मजदूरों का पंजीकरण कराया जाएगा। जिससे उन्हें इसका लाभ मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार मुक्त शासन और प्रशासन होना चाहिए, क्योकि भ्रष्टाचार का नुकसान सबसे अधिक राज्य की गरीब जनता को उठाना पड़ता है। जब भी कोई समस्या हो-शिकायत हो तो 181 डायल करें। 1 मई 2015 से मुख्यमंत्री जन संवाद केन्द्र की शुरूआत की गई है। सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक अपनी समस्या या शिकायत दर्ज करा सकते है। तथा इसपर अपना मोबाईल नं0 भी दे ताकि समस्या का समाधन कर आपको भी सूचना दी जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोल्हान प्रमंडल में मानकी मुण्डा के साथ-साथ डकुआ को भी मानदेय दिया जाता है उसी प्रकार संताल परगना में ग्राम प्रधान के साथ गोरैत, जो डकुआ जैसा ही कार्य करते हैं को भी राज्य सरकार मानदेय देने पर विचार कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1 जून से 15 जून तक वनाधिकार पट्टा हेतु विशेष ग्राम सभा का आयोजन पूरे राज्य में किया जाएगा। 15 अगस्त 2015 तक सभी आवेदनों का निष्पादन कर वनाधिकार पट्टा वितररित कर दिया जाएगा। तथा सभी अंचल अधिकारी और उपायुक्त यह प्रमाण पत्र देंगे कि कोई भी आवेदन वनाधिकार पट्टा के लिए लम्बित नहीं है।
मुख्यमंत्री ने पोषण के मामले में अपनी चिन्ता रखते हुए कहा कि षिषु मृत्यु दर जन्म के छः माह के भीतर राज्य का औसत 38 (प्रति लाख) है तो यह आंकड़ा दुमका के लिए 44, गोड्डा में 58, साहेबगंज में 56 तथा पाकुड़ में 54 है। जन्म से एक सप्ताह के अन्दर नवजात षिषु मृत्यु दर झारखण्ड का औसत 24 (प्रति लाख) तो दुमका में 32, गोड्डा में 32, साहेबगंज 34, पाकुड़ 34 है। जन्म से 5 वर्ष के अन्दर बाल मृत्यु दर का झारखण्ड का औसत 55 (प्रति लाख) है तो दुमका 57, गोड्डा 85, साहेबगंज 83, पाकुड़ 81 है। संताल परगना में केवल देवघर का औसत राज्य औसत से कम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही यह हालात बदलेंगे। ए0एन0एम0, सेविका, सहायिका, प्रधान, पंचायत प्रतिनिधि सबकी इसमें भूमिका होनी चाहिए। शीघ्र ही पूरे राज्य मंे पोषण सखी का चयन किया जाएगा ताकि कुपोषण की समस्या से मुक्त किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य को नषामुक्त बनाना है। जो गांव नषामुक्त हो जाएगा उसे 1 लाख रू0 का पुरस्कार दिया जाएगा।
इस अवसर पर दुमका जिला प्रषासन द्वारा 3 सेविका (श्रीमती कोकिला हेम्ब्रम, श्रीमती पूर्मिला सेरेन एवं श्रीमती सुनीता मरांडी) 2 सहायिका (श्रीमती अंगुरा दासी, श्रीमती नीरोजनी किस्कु), 10 ए0एन0एम (प्रीति कुमरी, बबिता हेम्ब्रम, सिम्मी कुमारी, संतोषिनी मुर्मू, सुष्मिता होँसदा, बिनीता मुर्मू, एसलीना मुर्मू, बिटीमय किस्कु, प्रमीला कुमारी, रंजू भारती), 4 स्टाफ नर्स (मीना किस्कु, कुमारी रूपम, हेलेना टुडू, सरिता किस्कु), 2 ब्लाॅक डाटा मैनेजर (ज्योतिका सोरेन, रजनीश किस्कु), 1 काउन्सेलर ए0आर0एस0एच0 (मोनिका कुमारी), 1 आयुष फर्माषिस्ट (विनय कुमार शर्मा) को नियुक्ति पत्र दिया गया। साथ ही दुमका जिला प्रषासन द्वारा 10 लाभुकों को (शिवलाल हाँसदा, रूबई हेम्ब्रम, मन्सु सोरेन, गुडूवा हेम्ब्रम, रामे हेम्ब्रम, बहादी हेम्ब्रम, जगन्नाथ मुर्मू, सुनीराम मुर्मू, रूपलाला हेम्ब्रम, किस्टु मुर्मू) को वनाधिकार पट्टा एवं 5 निःशक्तों (इन्दर कुमार गुप्ता, मो0 तथार, जयन्ती कुमारी, रामजीत मरांडी, उज्जवल कुमार भुई) को ट्राईसाईकिल एवं व्हील चेयर वितरण किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डाॅ0 लोईस मरांडी, कल्याण, समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास मंत्री ने कहा कि सेविका और सहायिका को साड़ी के साथ पेटीकोट और ब्लाउज भी देने का निर्णय लिया गया है। सभी सेविकाओं और सहायिकाओं का मानदेय समय पर उन्हें प्राप्त हो इसके लिए अब आॅन लाईन भुगतान की सुविधा की गई है। जिससे उनका मानदेय सीधे उनके खाते में जा सके। उन्होंने ग्राम प्रधानों से अपील की कि झारखण्ड की एक प्रमुख समस्या मानव तस्करी है इसके लिए वे गांवों में आने वाले नये लोगों को चिन्हित करें और ऐसे लोगों की सूचना दें। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि आंगनबाड़ी केन्द्र किसी भी दिन बंद न होने की शर्त पर सेविकाआंे और सहायिकाओं को दो दिनों का विषेषावकाष स्विकृत किया जाय। प्रचण्ड गर्मी को देखते हुए सभी आंगनबाड़ी केन्द्र सुबह 7 बजे से सुबह 9 बजे तक ही चलेंगे।
समारोह में स्वागत संबोधन उपायुक्त श्री राहुल कुमार सिन्हा ने किया तथा आयुक्त संताल परगना प्रमंडल श्री फिदेलिस टोप्पो, पूर्व सांसद अभय कान्त प्रसाद, भीम सिंह आदि ने भी संबोधित किया। धन्यवाद ज्ञापन उप विकास आयुक्त श्री चितरंजन कुमार ने किया।

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