मुख्यमंत्री ने 24 महिला किसानों के पहले दल को इजरायल के लिए विदा किया*

*जब इजरायल जाएं तो बच्चों की तरह जिज्ञासु बनकर घूमें – रघुवर दास, मुख्यमंत्री

रांची,13.01.2019 – महिला किसानों का उत्साह और जोश को देखकर मैं काफी उत्साहित हूँ। हमारी बहनें इतनी उत्साहित हैं, उसे देखकर कह सकता हूँ कि झारखण्ड को आने वाले समय में आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। झारखण्ड में अगर हम देखें तो हमारी दीदियां हर काम में आगे हैं। चाहे खेती हो उद्योग हो, पशुपालन हो या बागवानी हर काम हमारी झारखण्ड की महिलाएं कर रही हैं। इसे देखते हुए उन्नत कृषि की जानकारी के लिए महिला कृषकों को इजरायल भेजने का फैसला किया गया। पहले चरण में अभी 24 महिलाएं जा रही है। उन्नत कृषि की तकनीक सीखकर वे अपने क्षेत्र में किसानों को नई तकनीक के बारे में जानकारी देंगी। उक्त बातें मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहीं। वे खेती की उच्च तकनीक सीखने इजराइल जा रही महिला कृषकों को रवाना करने से पूर्व उनसे बातचीत कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का ये साफ मानना है कि अगर हमें देश को आगे बढ़ाना है तो हमें महिलाओं को आगे बढ़ाना होगा। झारखण्ड के सभी किसान भाई-बहनों का मेहनत का ही नतीजा है कि जहाँ हमारी सरकार बनने के पहले कृषि विकास दर -4.5 प्रतिशत थी, आप लोग ने मेहनत करके 4 वर्ष के अंदर झारखण्ड का कृषि विकास दर 14 प्रतिशत से ज्यादा कर दिया। 4 वर्ष में जो लंबी छलांग आपने लगाई है वो देश के अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत है। अगर हम उन्नत तकनीक का उपयोग करें तो हमारी आय दोगुनी नहीं चौगुनी होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिंदगी में लक्ष्य हमेशा बड़ा रखना चाहिए। आप जब इजरायल जाएं तो बच्चों की तरह जिज्ञासु बनकर घूमें। मन में जो भी प्रश्न आये, वहाँ जरूर पूछे। कोऑपरेटिव फार्मिंग के बारे में अच्छे से समझें। झारखंड में हमें इसे बढ़ावा देना है। यह भी सीखें की वहां ड्रीप इरिगेशन के माध्यम से कैसे खेती होती है। सूक्ष्म सिंचाई योजना से आज इजरायल कैसे हरा-भरा देश हो गया है। कैसे एक रेगिस्तान देश टपक योजना से आज पूरी दुनिया को सब्जी खिला रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने संथाल परगना के कार्यक्रम में घोषणा की थी कि हमारी बहनों को इस बार इजरायल भेजेंगे क्योंकि वो पुरूषों से कम नहीं है। देश-दुनिया में जब भी महिलाओं को मौका मिला चाहे वो खेल हो, एग्रीकल्चर हो, पढ़ाई हो तो वो पुरूषों से कभी कम नहीं आंकी गई हैं। हमें अपनी बहनों की क्षमता को आगे लाना है। इजरायल भेजने का उद्देश्य यही है कि दुनिया में जैविक खेती की मांग बहुत है। हमें जैविक खेती की तरफ फोकस करना है। आप सीखिए और अपने जिलों में लीडर बनिए। आप जितना भी सब्जी उगाओगे सब दुनिया के दूसरे देशों में चला जाएगा। आप बाजार की चिंता मत करिए उसका इंतजाम सरकार करेगी।

श्री रघुवर दास ने कहा कि इतने वर्षों तक लोगों ने सिर्फ नारे दिये, वादे दिये लेकिन जमीन पर कोई काम नहीं किया। हर गरीब का सपना होता है कि मेरे सिर पर भी छत हो। उस सपने को भी पूरा करने का काम मोदी जी कर रहे हैं इसीलिए आपको ध्यान में रखने की जरूरत है कौन देश को आगे ले जा सकता है। अब तक सब लोगों ने आपको गुमराह किया। आप सब मेहनती हैं तो इजरायल से तकनीक सीखकर आएं। दुग्ध उत्पादन में हम काफी पीछे हैं अगर हम फोकस करें तो मत्स्य पालन की तरह हम वहां भी कामयाब हो सकते हैं।

पूरा गांव महिला किसानों को छोड़ने बस स्टैंड तक आया

बैठक में महिलाओं ने इजराइल भेजने के लिए मुख्यमंत्री को विशेष तौर पर धन्यवाद देते हुए कहा कि इससे न केवल उन्हें नई तकनीक के बारे में जानकारी मिलेगी, बल्कि उनका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। अधिकतर महिलाएं इससे पहले अपने गांव से बाहर निकलकर रांची भी नहीं आई थी। उनके लिए महिलाओं ने बताया कि किस प्रकार इजराइल जाने के लिए उन्होंने उत्साह के साथ अपना पासपोर्ट बनवाया। गांव और परिवार के लोग काफी आश्चर्यचकित थे। वे लोग रांची के लिए रवाना हो रही थी, तो पूरा गांव उन्हें छोड़ने बस स्टैंड तक आया था।

कृषि सचिव श्रीमती पूजा सिंघल ने बताया कि इससे पहले 54 पुरुष किसानों को इजरायल भेजकर प्रशिक्षित किया जा चुका है, जो अपने क्षेत्र में घूम घूम कर लोगों को नई तकनीक के बारे में बता रहे हैं। अभी महिलाओं का जो प्रतिनिधिमंडल जा रहा है इसमें कोई भी पुरूष नहीं है। साथ जा रही अधिकारी भी महिलाएं ही हैं।

बैठक के दौरान कृषि मंत्री श्री रणधीर सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री सुनील कुमार वर्णवाल कृषि सचिव श्रीमती पूजा सिंघल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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