साप्ताहिक समीक्षा – 15 दिनों के भीतर अवैध कब्जे से मुक्त कराएँ पाकुड़ स्थित सरकारी जमीन –  डॉ. सुनील वर्णवाल

* डीसी व एलआरडीसी के न्यायालय मे लंबित मामलों की भी होगी समीक्षा।

* कटने लगा 1 रुपए से कम का लगान रसीद।

राँची, 03.07.2018  – मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. सुनील कुमार वर्णवाल ने पाकुड़ में अवैध रूप से सरकारी जमीन पर बने घरों को हटाते हुए 15 दिन के अंदर अतिक्रमण मुक्त कराने का निर्देश जिले के नोडल अधिकारी को दिया है। उक्त सरकारी जमीन पर 100 से अधिक बंगलादेशी परिवार अवैध रूप से रह रहे हैं। इस बात की शिकायत जनसंवाद केंद्र में आने के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया था। मुख्यमंत्री जनसंवाद केंद्र में दर्ज लंबित शिकायतों की जिला व विभागवार समीक्षा आज सूचना भवन में की गई। आज की बैठक में कुल 19 मामलों की विशेष समीक्षा की गई व राजस्व, निबंधन व भू-सुधार विभाग की विशेष समीक्षा की गई। इस दौरान विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश भी दिये गए।

पलामू में भू-सुधार व राजस्व विभाग की वेबसाइट पर 1985 तक एक ही दस्तावेज उपलब्ध है। इसके कारण लोगों को लगान रसीद कटवाने व अन्य कार्यों में काफी समस्या का सामना करना पड़ता है। खरीद बिक्री की गई जमीनों का एलपीसी भी नहीं बन रहा है। इस मामले में पूछे जाने पर जिले के नोडल अधिकारी ने बताया कि एक सप्ताह के अंदर इस मामले का निष्पादन कर लिया जाएगा। प्रत्येक माह के 1 से 10 तारीख तक पोर्टल खुलता है। उस दौरान इसे अपडेट कर लिया जाएगा।

देवरी, गिरिडीह के विपिन कुमार ने विभागीय स्वीकृति के उपरांत डोभा का निर्माण कराया। निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद भी अब तक इन्हें भुगतान नहीं हो पाया है। इस मामले में जिला के विभागीय नोडल अधिकारी द्वारा बताया गया कि विभाग से आवंटन नहीं मिलने के कारण इन्हें भुगतान नहीं किया जा रहा है। आवंटन मिलने के उपरांत ही भुगतान किया जाएगा। मुख्यमंत्री के सचिव ने सभी अधिकारियों को यथाशीघ्र भुगतान करने का निर्देश दिया।

झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में कार्यरत रांची के मनीकान्त प्रसाद की सेवाकाल के दौरान ही 2015 में मौत हो गई। इनकी पत्नी ने अनुकंपा पर नौकरी के लिए वर्ष 2015 में ही आवेदन दिया परंतु अब तक इन्हें नियुक्ति पत्र नहीं मिल पाया है। इसपर सचिव ने कहा कि प्रावधान के अनुसार एक सप्ताह के अंदर इस मामले का निष्पादन करें अन्यथा अगली समीक्षा में बोर्ड के सचिव व सदस्य को भी समीक्षा बैठक में बुलाएँ।

गुमला के पालकोट बस स्टैंड में सुलभ शौचालय की सुविधा नहीं होने की शिकायत कई स्तर पर की जा चुकी है, बावजूद इसके अब तक इसका समाधान नहीं हो पाया है। इस मामले में बताया गया कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत सुलभ शौचालय के निर्माण का प्रावधान नहीं है। मुख्यमंत्री के सचिव ने कहा कि जिले के किसी मद से आवष्यकतानुसार शौचालय का निर्माण कराया जा सकता है।

देवघर के देविपुर में पटवान नदी पर बना बांध 2017 में अत्यधिक वर्षा के कारण टूट गया था। इस नदी के किनारे के गाँव में 80 घरों की आबादी निवास करती है। शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि तत्काल बांध की मरम्मत नहीं हुई तो इस बारिश में गाँव पर खतरा हो सकता है। घटना के साल भर बीतने के बाद भी अब तक प्राक्कलन भी नहीं बनाया गया है। इसपर डॉ. सुनील कुमार वर्णवाल ने विभाग के मुख्य अभियंता को तत्काल शो-कॉज करने का निर्देश दिया तथा मरम्मत का कार्य नहीं होने के लिए जिम्मेवार अधिकारियों को चिन्हित कर उनपर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। साथ ही समस्या के निष्पादन का निर्देश भी इन्होंने दिया।

गोड्डा के दिग्घी गाँव में जलमीनार से 3 साल से जलापूर्ति बंद है। ग्रामीणों के बार बार के शिकायत के बाद भी इसकी मरम्मत नहीं हो पा रही है। इस वजह से पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले में विभाग के द्वारा बताया गया कि इस जलमीनार का निर्माण विधायक मद से किया गया था। इस मामले में सचिव ने कहा कि इस मीनार की मरम्मत एक सप्ताह के अंदर किसी भी कीमत सुनिश्चित करें।

चतरा के रियाज मियां की जमीन पर डोभा निर्माण की स्वीकृति मिली थी। पंचायत की मुखिया व पंचायत सचिव सहित अन्य के द्वारा बिना डोभा निर्माण के ही राशि की निकासी कर ली गई। इस मामले की शिकायत आने पर जिला के द्वारा फर्जी रिपोर्ट व तस्वीर के साथ बताया गया कि डोभा का निर्माण किया गया है। शिकायतकर्ता के द्वारा बताया गया कि उनकी फर्जी तस्वीर को एक डोभा के साथ दिखा कर रिपोर्ट भेज दिया गया है। इस मामले में एक सप्ताह के अंदर एडीएम रैंक के अधिकारी से जांच कराते हुये, कार्रवाई कर रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया गया।

खूंटी से यह शिकायत आई कि ऑनलाइन पोर्टल में गड़बड़ी के कारण 1 रुपए से कम का लगान रसीद नहीं कट रहा है। इस वजह से नागरिकों को काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। बाद में पता चला कि यह समस्या पूरे राज्य की थी। 1 रुपए से कम का लगान रसीद कहीं से भी नहीं कट रहा है। इस संबंध में साप्ताहिक समीक्षा में शिकायत आने क बाद विभाग के द्वारा बताया गया कि इसमें ऑनलाइन सुधार कर दिया गया है। अब 1 रुपए से भी कम का लगान रसीद कट रहा है।

आज की समीक्षा के बाद राजस्व, निबंधन एवं भू-सुधार विभाग की विशेष समीक्षा की गई। इस समीक्षा के दौरान खुद मुख्यमंत्री के सचिव ने जिलावर समीक्षा की। इस दौरान उनके साथ विभाग के नोडल अधिकारी अवध किशोर प्रसाद भी मौजूद थे। शिकायतों के निष्पादन में शिथिलता बरतने व 243 मामले लंबित रखने को लेकर गिरिडीह के अपर समाहर्ता को शो-कॉज करने का निर्देश दिया। उन्होंने शिकायतों को लंबित रखने वाले अपर समाहर्ता को शो-कॉज करने का निर्देश दिया। साथ ही काम नहीं करने वाले सीओ के खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया। वहीं सचिव ने यह भी निर्देश दिया कि डीसी व एलआरडीसी के न्यायालय मे लंबित मामलों की भी समीक्षा करें। किसी भी कीमत पर समस्याओं का समाधान हो, इस बात को प्राथमिकता दें।

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(FJB)

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