देवघर हिंदी विद्यापीठ के प्रमाण पत्र का कोई मूल्य नहीं इसकी मान्यता का आधार क्या है..? – दिव्यांशु झा

रांची, 13.03.2018 – मुख्यमंत्री सचिवालय के संयुक्त सचिव दिव्यांशु झा ने कहा कि जब देवघर हिंदी विद्यापीठ और गोवर्धन साहित्य महाविद्यालय के प्रमाण पत्र का कोई मूल्य नहीं है तथा यह किसी भी विश्वविद्यालय के अधीन नहीं है फिर इसकी मान्यता का आधार क्या है? इस संस्था के कारण हजारों छात्रों का भविष्य अंधकार में है। इस पर जल्द निर्णय लेने की जरूरत है। श्री झा आज सूचना भवन में मुख्यमंत्री जनसंवाद केंद्र द्वारा मंगलवार को आयोजित साप्ताहिक समीक्षा बैठक में बोल रहे थे। समीक्षा बैठक में उन्होंने 17 शिकायतों की समीक्षा की।

संयुक्त सचिव ने जिला और उच्च तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग से देवघर हिंदी विद्यापीठ से जुड़े सभी तथ्यों की जांच-पड़ताल कर तथ्यात्मक रिपोर्ट भेजने हेतु कहा। उत्तीर्ण छात्रों की शिकायत है कि कॉलेज द्वारा निर्गत प्रमाण पत्र की मान्यता किसी भी संस्थान व नौकरियों में नहीं मिल पाती है। इस कॉलेज से साहित्यालंकार (बीए समकक्ष) करने के बाद अन्य कॉलेज में दाखिला भी नहीं हो पाता। विभागीय नोडल अधिकारी ने बताया कि गोवर्धन साहित्य महाविद्यालय व देवघर हिंदी विद्यापीठ स्वायत संस्था है, जो सिद्धो-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय के अधीन नहीं है।

देवघर जिले के एक दूसरे मामले में स्कूल शिक्षक की मृत्यु के बाद उनकी पत्नी को 12 जनवरी 2014 से 31 अक्तूबर 2015 तक की पेंशन का भुगतान नहीं होने की शिकायत पर नोडल अधिकारी ने कहा कि जल्द बकाये पेंशन राशि का भुगतान हो जायेगा। संयुक्त सचिव ने बकाये पेंशन का भुगतान कर रिपोर्ट अपलोड करने का निर्देश दिया। उनकी पेंशन का भुगतान 1 नवंबर 2015 से हो रहा है। जिला शिक्षा अधिकारी ने प्रतिवेदित किया है कि बकाया पेंशन के भुगतान की स्वीकृति पीपीओ द्वारा प्रधान महालेखाकार के कार्यालय से अनुमति मांगी गयी है।

जामताड़ा सिविल सर्जन कार्यालय में 5 साल पूर्व तैयार हो चुके एएनएम प्रशिक्षण केंद्र की पुनः 2016 में मरम्मत करायी गयी, लेकिन अब तक इस भवन में नर्सों का प्रशिक्षण कार्य शुरू नहीं होने की शिकायत और विभागीय नोडल अधिकारी के जवाब से असंतुष्ट संयुक्त सचिव ने नाराजगी जताते हुए कहा कि भौतिक निरीक्षण अभी तक क्यों नहीं हो पाया? इसके लिए अगस्त 2017 में कमेटी बनी। दिसंबर तक कोई फैसला नहीं हुआ। अभी मार्च का महीना चल रहा है। 15 दिसंबर 2017 को सिविल सर्जन ने प्रतिवेदित किया कि एएनएम प्रशिक्षण केंद्र का भवन बनकर तैयार है। प्रशिक्षण प्रारंभ करने के निमित्त अनापत्ति प्रमाण पत्र निर्गत करने के पूर्व संस्थान के भौतिक सत्यापन का आदेश दिया है। इसके लिए समिति गठित की गयी है।

कोडरमा में 5 साल पूर्व जलमीनार के निर्माण के बाद भी इससे जलापूर्ति नहीं होने की शिकायत पर संयुक्त सचिव ने कहा कि जलमीनार चालू करने के लिए बिजली कनेक्शन लेने में इतनी देर क्यों हो रही है। सचिव ने नोडल अधिकारी को दो-तीन दिन के अंदर जलमीनार चालू करवा कर रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया है।

गोड्डा मेहरमा की आंगनबाड़ी सेविका को मानदेय का भुगतान नहीं होने की शिकायत पर संयुक्त सचिव ने नोडल अधिकारी से बकाये का भुगतान कर रिपोर्ट अपलोड करने का निर्देश दिया है। सेविका को जनवरी 2013 से अक्तूबर 2015 तक का कुल मानदेय 62,232 रुपये में से मात्र 47,420 रुपये का भुगतान किया गया है। शेष राशि 14,812 रुपये नहीं दिये गये हैं। इसके अलावा जुलाई 2016 से दिसंबर 2017 तक का मानदेय का भुगतान भी नहीं किया गया है।

लातेहार में करीब डेढ़ साल से लापता संतू सिंह की अब तक बरामदगी नहीं होने की शिकायत पर संयुक्त सचिव ने लातेहार के डीएसपी को पलामू पुलिस से समन्वय स्थापित कर शीघ्र आवश्यक कार्यवाई का निर्देश दिया है। लातेहार थाने में इसकी लिखित शिकायत 12 अगस्त 2016 को की गयी है।

गिरिडीह की सिसिलिया हेम्ब्रम का अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले में अभी तक अभियुक्तों के नहीं पकड़े जाने पर संयुक्त सचिव ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अभी तक अभियुक्त क्यों नहीं पकड़े गये। इस पर नोडल अधिकारी ने कहा कि अभियुक्तों के घरों की कुर्की-जब्ती की जायेगी। संयुक्त सचिव ने इसकी रिपोर्ट अपलोड करने का आदेश दिया।

गिरिडीह में लगभग 6 वर्ष बाद भी पुरनीडीह ग्राम में पंचायत भवन का अधूरा निर्माण-कार्य कर पैसे की निकासी कर लेने के मामले में 24 फरवरी को जिला अभियंता ने प्रतिवेदित किया है कि भवन का पुनः पुर्णनिर्माण के लिए निविदा मेसर्स रामपति प्रसाद कंस्ट्रक्शन को आवंटित किया गया है, इसके कुछ दिनों बाद कार्य पुनः बंद कर दिया गया। इस मामले में संवेदक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। तत्कालीन कनीय अभियंता ने मजदूरी मद से 70,000 रु. का चेक दिया था, वह भी बाउंस हो गया। इस पर संयुक्त सचिव ने कहा कि यह कैसे हुआ, इसकी जांच करवा कर वस्तुस्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया है। 29 नवंबर 2016 के सीधी बात कार्यक्रम में जानकारी दी गयी थी कि कार्य प्रगति पर है और एक माह में निर्माण कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया गया था। फिर 6 दिसंबर को हुई साप्ताहिक समीक्षा बैठक में उपायुक्त के निर्देश पर डीडीसी द्वारा मामले की जांच कर जल्द रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया था।

सिमडेगा में एक साल से प्रखंड कार्यालय में संविदा पर कार्यरत कुल 7 कर्मियों को अभी तक मानदेय नहीं मिलने की शिकायत पर संयुक्त सचिव ने जल्द भुगतान का निर्देश दिया है।

ऊर्जा विभाग की समीक्षा हुई

साप्ताहिक समीक्षा बैठक के बाद ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक हुई।  इसकी समीक्षा ऊर्जा विभाग के विशेष सचिव सुरेंद्र कुमार ने की। समीक्षा के दौरान 24 जिलों की बिजली की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली गयी। वीडियो कांफ्रेंसिंग के समय अधिकतर जिलों के नोडल अधिकारी और इंजीनियर वीडियो कांफ्रेंसिंग से गायब थे। विशेष सचिव सुरेंद्र कुमार और मुख्यमंत्री सचिवालय के संयुक्त सचिव दिव्यांशु झा ने गैरहाजिर रहनेवाने अधिकारियों पर कार्रवाई का निदेश दिया। बिजली के अधिकतर मामले में जले हुए ट्रांसफार्मर, बिल विपत्र में गड़बड़ी, मानदेय का भुगतान, टूटे हुए पोल-तार को बदलने आदि से जुड़े मामले की जिलावार समीक्षा की गयी।

जनसंवाद टीम का दौरा शुरू

राज्य के विभिन्न इलाके के लोगों को झारखंड एवं केंद्र सरकार की कल्याणकारी और विकास योजनाओं के प्रति जागरूक करने के लिए मुख्यमंत्री जनसंवाद केंद्र की ओर से जनजागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की जा रही है। पहले चरण में 14 मार्च से 17 मार्च तक सिमडेगा जिले के चार प्रखंडों में कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद राज्य के अन्य जिलों में भी पंचायत स्तर पर इस तरह की कार्यशालाएं लगातार आयोजित की जाएंगी। इन कार्यशालाओं में ग्रामीणों को जानकारी दी जाएगी कि वे सरकार की योजनाओं का लाभ कैसे उठा सकते हैं। विशेषज्ञों और प्रशिक्षकों की टीम लोगों की जिज्ञासाओं का भी समाधान करेगी। लोगों को जनसंवाद केंद्र की कार्यप्रणाली से भी अवगत कराया जाएगा।

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(FJB)

News Reporter

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