रांची, 25.02.2018 –  विकास के लिए बदलाव को अपनाना महत्वपूर्ण है। डिजिटल झारखंड की परिकल्पना उसी राह पर बड़ा आगाज है। यह कहना है झारखंड की मुख्य सचिव राजबाला वर्मा का। वह रविवार को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम, धुर्वा में आयोजित झारखंड आईटी कॉनक्लेव को संबोधित कर रही थीं।

मुख्य सचिव ने कहा कि डिजिटलाइजेशन के माध्यम से राज्य विकास की नई ऊंचाइयों को छू सकते हैं। इसे लेकर राज्य के हरेक नागरिक को डिजिटली मजबूत करना है। इसे एक एक लहर, क्रांति, जन आंदोलन बनाना है। यह सब प्रारंभ हो चुका है। राज्य के युवाओं के माध्यम से घर-घर में इस जन आंदोलन को पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवा हमारा भविष्य हैं, उन्हें विकास में भागीदार बनाने के लिए उन्हें तकनीकी तौर पर मजबूत बनाया जा रहा है। कहा, झारखंड के युवाओं ने पूरे देश को दिखाया है कि यहां के युवा बदलाव के वाहक बन विकास की ऊंचाईयों को छूने के लिए तैयार हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रघुवर दास की सोच को आगे बढ़ाते हुए आईटी साक्षर बन राज्य के पांच हजार से अधिक युवा युवाओं के लिए अवसर गढ़ रहे हैं। ये अब तक इस आंदोलन से 9 लाख से अधिक युवाओं को जोड़ चुके हैं। 20 हजार युवाओं को बेसिक कंप्यूटर शिक्षा दी जा चुकी है। 20 बीपीओ शुरू कर झारखंड राज्य देश में अव्वल बन चुका है। सिल्ली में देश का पहला बीपीओ खुला है। वहां सैनेटरी नैपकिन का निर्माण हो रहा है। कहा, राज्य में 20 हजार बीपीओ खुलेंगे। उनसे एक लाख लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिलेंगे।

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(FJB)

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