रांची, 02.01.2018 – सूचना भवन में जनसंवाद केंद्र की आयोजित साप्ताहिक समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री सचिवालय के उप सचिव अशोक कुमार खेतान ने आज कुल 16 मामलों की समीक्षा की। गिरिडीह की दीपा कुमारी की हत्या के तीन वर्ष बीत जाने के बावजूद कांड का उद्भेदन नहीं होने पर पुलिस मुख्यालय के एआईजी-टू-डीजीपी शम्स तबरेज ने नाराजगी जतायी और डीएसपी से जवाब मांगा। लगभग 2 वर्षों के बाद भी दुष्कर्म व हत्या जैसे अनुसंधान थाना स्तर से लंबित रहना और अभियुक्तों की अब तक गिरफ्तारी नहीं होने के सवाल पर डीएसपी ने अपनी सफाई में कहा कि दोषियों को चिन्हित करने के लिए साक्ष्य एकत्रित किये जा रहे हैं। शम्स तबरेज ने कहा कि एसपी से इसकी अविलंब समीक्षा करायें और फिर कार्रवाई करें। जरूरत पड़े तो एसडीपीओ से रिपोर्ट लें लेकिन इस मामले को फौरन निपटायें।धनबाद, गोविंदपुर के महादेव रजवार की वज्रपात से हुई मौत और फिर बगैर पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मृतक के दाह-संस्कार कर देने के मामले को अब तक लंबित रखे जाने पर सीओ ने कहा कि पोस्टमार्टम का सत्यापित कर लिया गया है। लेकिन विभागीय स्तर से अब तक परामर्श नहीं लिये जाने की शिकायत पर उप सचिव ने कहा कि अविलंब विभागीय स्तर से इसकी जानकारी लेकर रिपोर्ट भेंजे ताकि जल्द आगे की कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।

लातेहार के महुआडांड़ में मनरेगा के तहत काम होने के दो साल बाद भी राशि का भुगतान नहीं होने की शिकायत पर उप सचिव ने कहा कि काम हुआ है तो भुगतान करना होगा। नोडल अधिकारी ने बताया कि पैसे की कमी है। पैसा आते ही सभी को भुगतान कर दिया जायेगा। उप सचिव ने डीडीसी से कहा कि विभाग से शेष राशि की जल्द मांग की जाये और मनरेगाकर्मियों को भुगतान कर दिया जाये।

लोहरदगा में पुश्तैनी जमीन को लेकर पिछले आठ माह से चल रहे विवाद में शिकायतकर्ता ने कहा कि जमीन की रसीद रैयतों द्वारा कटाई जा रही है और सभी रैयतों के नाम पंजी-2 में दर्ज हैं। प्रतिवेदन में जिस दानपत्र का जिक्र किया जा रहा है, वह जमीन रैयतदारों या उनके पूर्वजों ने कभी दान में दिया ही नहीं है और न ही स्कूल के प्रधानाध्यापक ने कभी दान-पत्र ही प्रस्तुत किया। इस मामले की जांच कर रैयती जमीन को सार्वजनिक उपयोग में लायी जानेवाली कुल 70 एकड़ जमीन का मुआवजा देने की मांग की जा रही है। इस संबंध में उप सचिव ने कहा कि दानपत्र अगर रजिस्टर्ड है तो उसे मुआवजा देना होगा। भू-अर्जन कार्यालय से मुआवजा दिलवा दी जाये। उन्होंने 15 दिन के अंदर मुआवजा देने का निर्देश दिया।

बोकारो के जरीडीह प्रखंड में 18 शौचालयों का निर्माण नहीं कराये जाने पर उप सचिव ने नोडल अधिकारी से पूछा कि दो साल बाद क्यों नहीं बना, जबकि पैसे की अवैध ढंग से निकासी कर ली गयी है। वित्तीय वर्ष 2014-15 और 2016-17 में टांड़मनोहरपुर पंचायत में लगभग 110 शौचालयों के निर्माण की स्वीकृति मिली थी। 18 शौचालयों के निर्माण की राशि के गबन के लिए रोजगार सेवक व अन्य पर आरोप लगाये गये हैं। जिला टीम की रिपोर्ट नहीं मिलने पर भी उप सचिव ने नाराजगी जतायी। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि एक माह के अंदर 18 शौचालय का निर्माण इसकी रिपोर्ट भेजने का निदेश दिया।

लोहरदगा में भूमि संरक्षण के तहत तालाब के जीर्णोद्धार के मामले में 10 लाख की अवैध निकासी पर नोडल अधिकारी से उप सचिव ने कहा कि तीन दिनों के अंदर जिला स्तर से रिपोर्ट बनाकर कृषि विभाग को भेजी जाये। इसके बाद कनीय अभियंता के खिलाफ कार्रवाई होगी।

पश्चिमी सिंहभूम में खूंटपानी प्रखंड में ढाई साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद राशन डीलर का लाइसेंस अब तक नहीं बना है। राशन डीलर का लाइसेंस 4 साल पूर्व रद्द कर दिया गया था। उनकी जगह किसी अन्य को भी राशन डीलर नहीं बनाये जाने से ग्रामीणों को 5 किलोमीटर दूर दूसरे गांव में जाकर राशन लेना पड़ता है। नोडल पदाधिकारी ने कहा कि कागजात उपलब्ध नहीं होने के कारण अनुज्ञप्ति नहीं मिल सकी है। इस पर उप सचिव ने कहा कि इस मामले में अब तक डीएसओ से संपर्क क्यों नहीं किया गया। इसमें अनावश्यक देर हो रही है। उन्होंने अगले सप्ताह फिर समीक्षा करने की बात कही।

दुमका के जरमुंडी प्रखंड में परिवार के लोग ही 16 वर्षीय युधिष्ठिर मंडल का अपहरण कर लिया है। लड़के के लापता होने के 5 माह बाद भी अब तक उसकी बरामदगी नहीं होने पर एआईजी-टू-डीजीपी ने डीएसपी से कहा कि नाबालिग का अब तक पता नहीं चल पाना गंभीर बात है। इस मामले में एसपी से समीक्षा करवाई जाये। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने सरेंडर किया है उनसे भी पूछताछ होनी चाहिए। इसके अलावा उन्होंने लापता लड़के के करीबी मित्रों या संबंधी से मिलकर गहन जांच कर जल्द नाबालिग को बरामद करने का निदेश दिया।  

इसी तरह गिरिडीह में सुरेश यादव की हत्या के दो साल से अधिक बीत जाने के बावजूद अभियुक्तों की गिरफ्तारी नहीं होने की शिकायत पर डीएसपी ने कहा कि अभियुक्तों के खिलाफ अनुसंधान पूरा होने के बाद चार्जशीट दायर कर दी गयी है। इस पर एआईजी-टू-डीजीपी ने कहा कि फरार चल रहे लोगों को जल्द गिरफ्तार करें। नोडल अधिकारी से उन्होंने कहा कि इसकी दोबारा सुनवाई होगी।

चतरा-हजारीबाग में पैक्स में धान विक्रय की राशि के भुगतान को लेकर चल रहे विवाद पर उप सचिव ने नोडल अधिकारी से पूछा कि डीएसओ और डीएमएसएफसी में किसकी बात सही है। कहा गया कि इस मामले में जिला और विभागीय स्तर पर समन्वय नहीं रहने के कारण राशि का भुगतान लंबित है। उप सचिव ने उन्हें विस्तृत रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया है।

पलामू में लगभग दो साल बाद भी फसल बीमा योजना के तहत 5 एकड़ जमीन के एवज में एक वर्ष पूर्व बीमा करवाया गया था, लेकिन पाटन प्रखंड कार्यालय द्वारा टालमटोल के कारण बीमा राशि नहीं मिलने की शिकायत पर उप सचिव ने कहा कि राशि अभी तक क्यों नहीं दी गयी। इस पर नोडल अधिकारी ने विस्तृत जांच के लिए एक सप्ताह का समय लिया है।

चतरा के इटखोरी प्रखंड में उप स्वास्थ्य केंद्र के जर्जर भवन की वजह से पेड़ के नीचे मरीजों के इलाज चलने पर उप सचिव ने नोडल अधिकारी से पूछा कि भवन निर्माण की राशि के लिए आवंटन कब मांगी गयी। नोडल अधिकारी ने जवाब में कहा कि पत्रांक 1737, दिनांक 11 नवंबर 2016 और 16 अगस्त 2017 को विभाग के संयुक्त सचिव को पत्र भेजा गया है। उप सचिव ने इसे जनसंवाद के पोर्टल पर भेजने और भवन का इस्टीमेट बनाकर भेजने का निर्देश दिया है।

गढ़वा में कम प्राप्तांक वाले अभ्यर्थी का चयन कर लिए जाने की शिकायत पर उप सचिव ने डीएसई से पूछा कि 2 नवंबर को कहा गया कि अधिक प्राप्तांक लानेवाले अभ्यर्थी का चयन कर लिया जायेगा, परंतु कार्रवाई लंबित क्यों रही। इस पर नोडल अधिकारी ने कहा कि कम मार्क्स दर्शानेवाले अधिकारी की सेवा समाप्त कर दी गयी है। डीएसई को अविलंब कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। उन्हें अगले हफ्ते तक का समय दिया गया है।

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(FJB)

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