जिले के नोडल पदाधिकारी सह सचिव भवन निर्माण एवं राजस्व विभाग की अध्यक्षता में एक बैठक की गई

राँची,30.12.2017 – जिले के नोडल पदाधिकारी सह सचिव भवन निर्माण एवं राजस्व विभाग की अध्यक्षता में एक बैठक की गई। भारत सरकार द्वारा 115 जिलों को वर्ष 2022 तक विजन की तरह समग्र विकास हेतु चयन किया गया है जिसमें राँची जिला भी शामिल है। जिसका विजन Document तैयार किया जाना है। श्री के.के. सोन ने सभी सेक्टर के नोडल पदाधिकारियों से उनके विचार आमंत्रित किया। उन्होने कहा कि पथ निर्माण विभाग, इस तरह की योजना बनाए कि गाॅव से लेकर प्रखण्ड, पंचायत और टोला तक सड़क बननी चाहिए। इससे संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर समस्या को ध्यान में रखकर आगे बढ़े। स्वास्थ्य पर चर्चा करते हुए श्री सोन ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं से संबंधित उपलब्धियों या आॅकड़ों का वेरिफिकेशन जरूरी है। जिले की प्राथमिकताओं में कृषि, जल-संसाधन है। कृषि विकास पदाधिकारी ने संबंधित समस्याओं और कृषि में मीठी क्रांति, फूलों की खेती आदि पर ध्यान देेने की आवष्यकता है। श्री सोन ने बताया कि कृषि क्षेत्र में विकास हेतु किसानों को हर सुविधा उपलब्ध कराने हेतु हर व्यवस्था पर भी ध्यान देने की अति आवष्यकता है। सभी चीजो को लेकर आगे बढ़ने से ही विजन Document को धरातल पर उतारा जा सकता है। नोडल पदाधिकारी ने आष्वस्थ किया कि जहाॅ समस्यायॅ है। उनके समाधान के लिए सरकार के स्तर पर कार्य किया जाएगा। संसाधनों की कमी से योजना नहीं रूकनी चाहिए। पहले से उपलब्ध संसाधनों का उपयोग भी सुनिष्चित करना आवष्यक है। तभी सरकार भी सहयोग राशि करेगी। पहले से उपलब्ध संसाधनों का भी बेहतर उपयोग आवष्यक हैं।उन्होने उपस्थित पदाधिकारियों को यह भी दिशा निर्देश में सभी इन्फ्रास्ट्रक्चर सुदृढ़ करने की आवष्यकता है। जिला अस्पताल, सदर अस्पताल, प्रखण्ड सह अंचल कार्यालयों में विद्युत व्यवस्था, पानी, साफ-सफाई, बाउंड्री वाल की व्यवस्था, अगर भवन जर्जर है तो उसके लिए भवन निर्माण विभाग द्वारा हर संभव मदद की जाएगी। श्री सोन ने कहा कि सरकार को किसी भी सेक्टर से संबंधित आंकड़े या प्रतिवेदन भेजने से पूर्व उसकी सत्यता की जाॅच कर लें। सरकार कभी भी आम लोगों के बीच जाकर उनका सत्यापन करवा सकती है। श्री सोन ने कहा कि उपलब्ध संसाधनों के बेहतर प्रयोग से ही हम ‘‘संकल्प से सिद्धि‘‘ और 2022 के लक्ष्य तक पहुॅच सकते है।
उपायुक्त राँची श्री मनोज कुमार द्वारा यह बताया गया कि विजन Document में अगर कहीं कोई समस्या हो तो उसका पूर्ण ब्यौरा और हर पहलु को विस्तार से सरकार के पास रखना आवष्यक हैं । नीतिगत परिवर्तन के संबंध में भी सरकार सुझाव आमंत्रित कर रही है। उपायुक्त राॅची ने उपस्थित पदाधिकारियों को एक्शन प्लान की रूपरेखा बनाने से पूर्व संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने का सुझाव दिया। कृषि सरकार की प्राथमिकता का सेक्टर है इसलिए कृषि विभाग अपना एक्शन प्लान 3 जनवरी तक जिले को भेजना सुनिष्चित करें। अन्य सेक्टर के एक्शन प्लान हेतु 10 जनवरी 2018 तक की तारीख दी गई ताकि 15 जनवरी तक राँची जिले का एक अच्छा एक्षन प्लान सरकार को भेजा जा सके।
उप विकास आयुक्त ने सुझाव दिया कि नये सेक्टर में भी युवाओं के कौशल विकास हेतु कौशल विकास केन्द्र खोलने की आवष्यकता है। उन्होने यह भी सुझाव दिया कि प्रशिक्षण के बाद युवाओं को रोजगार दिलवाने का प्रयास भी जरूरी है।
बैठक में विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों के एक्शन  प्लान से संबंधित सवालों का जवाब भी जिले के नोडल पदाधिकारी श्री कमल किशोर सोन द्वारा दिया गया। अन्त में धन्यवाद के साथ बैठक की कार्रवाई समाप्त की गई।
आज की बैठक में अपर समाहर्ता राॅची, सिविल सर्जन, जिला योजना पदाधिकारी, डायरेक्टर आईटीडीए खेल पदाधिकारी सह विकास शाखा प्रभारी, परियोजना पदाधिकारी के अलावे सभी विभाग के संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।

****

(FJB)

News Reporter

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *