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संतुलित आहार कुपोषण जैसी विकराल समस्या का एकमात्र हल है – माननीया राज्यपाल

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जमशेदपुर,29.08.2017 – माननीया राज्यपाल श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, संतुलित भोजन तथा शिक्षा के अनुकूल माहौल बच्चों में विद्यालय जाने की जिज्ञासा को बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि संतुलित आहार कुपोषण जैसी विकराल समस्या का एकमात्र हल है। वे  जमशेदपुर में इस्काॅन परिसर अवस्थित सेन्ट्रल किचन की व्यवस्था के अवलोकन के पश्चात लोगों को सम्बोधित कर रही थीं। राज्यपाल ने उक्त संस्था द्वारा अपनाई जा रही प्रणाली की सराहना करते हुए इसे अनुकरणीय बताया। उन्होंने कहा कि बेहतर एवं संतुलित भोजन बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए जरूरी है क्योंकि हम जैसा भोजन ग्रहण करते हैं वैसी ही हमारी मनोवृत्ति बनती है साथ ही शारीरिक क्षमता में भी वृद्धि होती है।

श्रीमती मुर्मू ने कहा कि मध्याह्न भोजन देने के बावजूद भी कई बच्चे विद्यालय नहीं जाते हैं इस दिषा में कार्य करने की जरुरत है। ईश्वर ने मुक्त हस्त से झारखण्ड को सम्पदा प्रदान की है। यहाँ की धरती में सोना है। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार करके मानव सम्पदा के विकास में अपेक्षित बदलाव सम्भव है। उन्होंने कहा कि कुपोषण राज्य के लिए बड़ी समस्या है। माता को संतुलित आहार न मिलने की वजह से भी नौनिहाल कुपोषित होते है। सरकार महिलाओं के स्वास्थ्य की दिशा में और उनके सर्वागींण विकास हेतु अनेकानेक कार्य है लेकिन उन तक वास्तविक लाभ पहुँचाने के लिए सभी को अपनी भूमिका का निर्वहन पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ करना होगा।
माननीय राज्यपाल ने कहा कि कुपोषण के अतिरिक्त ट्रैफीकिंग दूसरी समस्या है जो कि बिचैलिओं के द्वारा होती है और कई माता-पिता इस स्थिति में नही होते कि बच्चे का पालन-पोषण कर सकें। सामाजिक संस्था तथा अध्यात्मिक संस्था भी आगे बढ़ कर इस समस्या का सामाधान करें। उन्होंने कहा कि यह समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि कुपोषण और ट्रैफीकिंग के विरूद्ध सामुहिक रूप से आगे बढ़कर समाज से इसे खत्म करें।

राज्यपाल महोदया ने कहा कि बच्चों का पालन-पोषण सही तरीके से होना जरूरी है। इस लिए केवल 28 स्कूलों में ही नहीं और भी स्कूलों में इस तरह की व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने किसानों के बारे में कहा कि समय पर वर्षा नही होने के कारण किसानों की आमदनी बढ़ नही पाती इस लिए आधुनिक तरीके से खेती करने का प्रशिक्षण दे कर किसानों की आमदनी को बढ़ाया जाना आवश्यक है। शिक्षक को अभियन्ता के समतुल्य बताते हुए जमशेदपुर के सिद्धो कान्हू मिडिल स्कूल परिसर में राज्यपाल ने कहा कि शिक्षक मानव सम्पदा का सृजन करते है। वे देश के भावी कर्णधारों को अपने दायित्वों का बोध कराते हैं। उन्होंने कहा कि वन्य सम्पदा, खनिज सम्पदा, भू-सम्पदा का उपभोग मानव सम्पदा के द्वारा किया जाता है और उनमें यह क्षमता विद्यालय में विकसित की जाती है। गुरू समाज के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण कर्तव्य निभाते हैं। उन्होंने सिद्धो कान्हू मिडिल स्कूल के प्रबन्धन समिति को धन्यवाद देते हुए कहा कि आप सभी धन्यवाद के पात्र है कि अपने संसाधनों से विद्यालय का संचालन कर रहे है। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन से कहा कि इस विद्यालय को और जमीन उपलब्ध कराए जाने हेतु जिले के उपायुक्त को अपना आवेदन उपलब्ध कराएं एवं उसकी काॅपी मुझे दें। मै इस विषय पर सरकार से वार्ता करूंगी। उन्होंने बच्चों से कहा कि कर्म सर्वोपरि है इस लिए आप अपना कर्म करें तथा बिरसा मुण्डा सिद्धो कान्हू जैसा बने।
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय परिसर में उपस्थित छात्राओं को सम्बोधित करते हुए माननीया राज्यपाल ने कहा कि बच्चों का एक ही मकसद होना चाहिए, सीखने का और विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण लेना। समय के महत्व को समझते हुए अपने व्यक्तित्व के विकास में संलग्न रहें। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक सीखने की प्रवृत्ति विकसित करें।, हर विधा का जीवन में अलग प्रभाव होता है। उन्होंने कहा कि बारहवीं उत्तीर्ण करने के उपरान्त सरकार द्वारा संचालित अनेकानेक कार्यक्रमों में नियोजन की व्यवस्था है।
राज्यपाल श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने सुन्दरनगर में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय का निरीक्षण करते हुए अपने सम्बोधन में बच्चों से कहा कि आप विद्यालय में ज्ञान अर्जित करने आए है और जब ज्ञान प्राप्त कर विद्यालय परिसर से बाहर जाएगें और देश को अपनी सेवा प्रदान करेंगे तो देश आगे बढे़गा। उन्होंने कहा कि मै जिस स्कूल या महाविद्यालय में जाती हूँ तो अनुभव करती हूँ कि और क्या सुविधा बच्चों को दी जा सकती है जिससे कि बच्चों का सही विकास हो सके। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सरकार सभी को सुरक्षा प्रदान नहीं कर सकती है इस लिए खुद की सुरक्षा हेतु आप सभी को ताईकाण्डो का प्रशिक्षण विद्यालय में दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षक तो रूटीन बनाए होगें पर आप सभी लोगों को भी अपना रूटीन स्वयं तैयार करनी चाहिए जिससे कि आप अपना विकास ज्यादा से ज्यादा कर सके।
इस अवसर पर राज्यपाल महोदया ने कहा कि विद्यालय में माकर््स प्राप्त करना ही जरूरी नही है समाज में भी माकर््स लाना जरूरी है, जिससे समाज जान सके कि आपने कहा से ज्ञान, शिक्षा प्राप्त किया है। अपने जीवन में आप पैसा तो बहुत कमाएंगे लेकिन साथ ही साथ व्यवहारीक ज्ञान बहुत जरूरी है। इस लिए आप सभी अपने गुरू एवं माता-पिता के बताए रास्ते पर चलें और देश की सेवा करें। उन्होंने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की प्रसंशा करते हुए कहा कि यहां आकर मुझे काफी खुशी हुई है। इस विद्यालय में सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध है।
इस अवसर पर जिले के उपायुक्त श्री अमित कुमार, वरीय पुलिस अधीक्षक श्री अनूप टी मैथ्यू, जिले के अन्य प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारी तथा काफी संख्या में बच्चे उपस्थित थे।

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(FJB)

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