Home jharkhand *संवेदनशील बन कर जनता की समस्याओं का समाधान करें अधिकारी-मुख्यमंत्री

*संवेदनशील बन कर जनता की समस्याओं का समाधान करें अधिकारी-मुख्यमंत्री

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*जनसंवाद में की गईं शिकायतों की लीपा-पोती और लाल फीताशाही से गुरेज करे

*उग्रवादी हिंसा से पीड़ितों के मामले में एक माह में निर्णय लेने का निर्देश

*सीधी बात कार्यक्रम में 14 मामलों की समीक्षा

राँची, 29.08.2017 – मुख्यमंत्री रघुवर दास ने मंगलवार को राज्य के सभी अधिकारियों को संवेदनशील बन कर जनता की समस्याओं का समाधान करने का निर्देश दिया। कहा, हुक्म कम और व्यवस्था ज्यादा काम करे, इस पर अमल करें। जनता ने सुशासन के लिए उन्हें दायित्व सौंपा है, उनकी आकांक्षा पर खरा उतरना है। जनसंवाद में की गईं शिकायतों की लीपा-पोती और लाल फीताशाही से गुरेज करें। उन्होंने उग्रवादी घटनाओं से जुड़े पीड़ित पक्ष के मामलों में राज्य के सभी उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को एक माह के भीतर निर्णय लेने का आदेश दिया। कहा, उग्रवादी घटनाओं में पीड़ित पक्ष की संवेदना को समझें। तय करें कि निराश होकर कोई पीड़ित शिकायतकर्ता नहीं बने। मुख्यमंत्री ने कहा, जनता को दौड़ाये नहीं। उनके मामलों पर त्वरित निर्णय लेकर उनका समाधान करें। मुख्यमंत्री उद्यमी बोर्ड के ब्लॉक समन्वयकों को दूसरे कामों में लगाने की मिली शिकायत पर स्पष्ट किया कि किसी भी हालत में उन्हें मूल काम से अलग काम पर नहीं लगाएं। कहा, उनका चयन गांव के लोगों से समन्वय बनाने के लिए किया गया है। मुख्यमंत्री रघुवर दास सूचना भवन में आयोजित सीधी बात कार्यक्रम में जनसंवाद में आईं शिकायतों पर फरियादियों के साथ राज्य के तमाम आला अधिकारियों से रू-ब-रू थे। सीधी बात में उन्होंने कुल 14 शिकायतों की समीक्षा की।  

मुख्यमंत्री ने खूंटी में उग्रवादी हिसा के शिकार बने विनय कुमार गुप्ता के परिजनों को मुआवजा और नौकरी मिलने में हो रही देरी पर नराजगी व्यक्त की। दो सप्ताह के भीतर पीड़ित पक्ष को मुआवजा और नौकरी देने का आदेश संबंधित पदाधिकारी को दिया। वहीं, पूर्वी सिंहभूम जिले के जुगसलाई में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के एक मामले में वहां के उपायुक्त को दस दिनों के भीतर अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया। चेतावनी दी कि ऐसा नहीं हुआ तो इसके दोषी खुद उपायुक्त होंगे। दूसरी ओर गोड्डा जिले के रानीटिकरा टोले में 2013 में आगजनी में हुई क्षति के मामले में पीड़ितों को इंदिरा आवास देने के सरकारी वादा के पूरा नहीं होने पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार ने आश्वासन दिया है तो वह पूरा होगा। तय हुआ कि आगजनी के पीड़ितों को प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराया जाएगा।

हजारीबाग में सरकार द्वारा अधिग्रहीत की गई जमीन पर विवाद के कारण मुआवजा मिलने में हुई देरी पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताते हुए कहा कि उपायुक्त दस्तावेज के आधार पर खुद निर्णय लें। सही है तो मुआवजा दें, गलत है तो उसे खारिज करें। मामले को लटकाए नहीं। गुमला के पालकोट में स्वच्छ भारत अभियान के तहत सूची देने के बाद भी शौचालय निर्माण शुरू नहीं होने की शिकायत पर सूची के अनुसार दो दिन में शौचालय निर्माण शुरू कराने का आदेश दिया गया।

गढ़वा की 16 वर्षीय लड़की के अपहरण के एक मामले में वहां के एसपी ने बताया कि सभी अभियुक्त फरार हैं। उनके घरों की कुर्की-जब्ती के लिए न्यायालय से अनुरोध किया गया है। सूचना मिली है कि अपहृत लड़की के साथ अपहर्ता ने इलाहाबाद कोर्ट में शादी कर ली है। पलामू और लातेहार में रेलगाड़ी के द्वारा बेशकीमती लकड़ियों की हो रही तस्करी की शिकायत पर बताया गया कि वन विभाग लगातार सघऩ पेट्रोलिंग कर रहा है। इस पर अंकुश लगाने के लिए पेट्रोलिंग का विस्तार किया जा रहा है। कोडरमा के उत्क्रमित मध्य विद्यालय, डारडाही के परिसर में अतिक्रमण कर धड़ल्ले से निर्माण की शिकायत पर मुख्यमंत्री ने मामले से जुड़े दोनों पक्षों की सुनवाई कर जमाबंदी निरस्त करने का प्रस्ताव देने को कहा। वहीं, हजारीबाग नगर परिषद में बिजली मिस्त्री अमरेंद्र कुमार सिंह की सेवा स्थायीकरण के संबंध में कहा गया कि ऐसे कुल 87 मामले हैं। एक माह के भीतर सभी का समाधान हो जाएगा। देवघर के वैद्यनाथ कमल कुमारी संस्कृत महाविद्यालय के जर्जर छात्रावास के संबंध में बताया गया कि वह प्रइवेट कॉलेज है। मुख्यमंत्री ने उच्च शिक्षा सचिव को वहां के प्राचार्य से मिलकर नैक के मानक के तहत मामले को सुलझाने का आदेश दिया।  

रांची के नव प्राथमिक विद्यालय, बेड़ो की पारा शिक्षिका पंचमी कुमारी का मानदेय उनके इंटर के प्रमाणपत्र के सत्यापन के अभाव में रोकने के मामले में मुख्यमंत्री ने आदेश दिया कि एक सप्ताह में सत्यापन संपन्न कराएं। अगर उनका प्रमाण पत्र गलत जारी किया गया है, तो उसे जारी करनेवाले विभाग पर भी कार्रवाई होगी। चतरा के पिपरवार में अपने ही साथी की गोली से मारे गए आरक्षी रतन कुमार जायसवाल के परिजनों को मुआवजा और नौकरी देने के संबंध में आदेश दिया गया कि एक पखवारे में गृह सचिव इसका समाधान करेंगे। देवघर से जुड़े अनुकंपा के आधार पर नौकरी के एक मामले में स्पष्ट किया गया कि काल बाधित (ससमय आवेदन नहीं देना) होने के कारण इस मसले पर कोई कार्रवाई अब संभव नहीं है। धनबाद में जनसेवक के पद पर नियुक्ति से संबंधित शिकायत पर गलत प्रतिवेदन देकर गुमराह करने के मामले में मुख्यमंत्री ने आदेश दिया कि पैनल के तहत नियमानुसार कार्रवाई करें।

मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुमार ने सीधी बात कार्यक्रम में बताया कि जनसंवाद का दायरा लगातार बढ़ रहा है। शिकायतों के समाधान का प्रतिशत भी लगातार बढ़ रहा है। फिलवक्त उसका प्रतिशत 84 है। वहीं ऑफलाइन शिकायतें दर्ज कराने की दी गई सुविधा का भी राज्य की जनता लाभ ले रही है। महज कुछ महीने में 16.5 हजार ऑफलाइन शिकायतें दर्ज कराई गई हैं।

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(FJB)

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