14-16 तक मांस-मदिरा की बिक्री पर रोकः मुख्य सचिव
रांचीः रामनवमी के अवसर पर 14 अप्रैल से 16 अप्रैल तक मांस और शराब की बिक्री पर पाबंदी रहेगी। मुख्य सचिव श्रीमती राजबाला वर्मा की अध्यक्षता में रामनवमी में प्रशासनिक तैयारियों को लेकर हुई समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया है। श्रीमती वर्मा ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिला के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को निदेश दिया है कि त्योहार के अवसर पर सांप्रदायिक सौहार्द को बनाये रखने के लिये निर्धारित सभी संबंधित बिन्दुओं पर काम करें और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किये जायें।
उन्होंने कहा कि रांची, जमशेदपुर, गिरिडीह, बोकारो, गुमला, चतरा, गढ़वा, धनबाद और लोहरदगा जैसे अतिसंवेदनशील जिलों के साथ साथ अन्य सभी संवेदनशील जिले जहां रामनवमी का झंडा/जुलूस निकाला जाता है वहां विषेष सतर्कता बरती जाय। श्रीमती वर्मा ने कहा कि निर्बाध विद्युत एवं जलापूर्ति, सफाई की व्यवस्था जेनरेटर की व्यवस्था चिकित्सा व्यवस्था सहित ट्रैफिक व्यवस्था सुगम हो, यह सुनिष्चित किया जाये।
सोशल मीडिया पर रखें नजर
श्रीमती वर्मा ने निदेश दिया कि जिला के सभी कंट्रोल रूम को एलर्ट मोड में रखें और साथ ही त्योहार के दौरान किसी भी प्रकार की भ्रांतियों को फैलने से रोकने के लिये सोशल मीडिया पर पूरा नियंत्रण रखें। उन्होंने कहा कि जिन मार्गों से अखाड़ें गुजरेंगे उन मार्गों में सीसीटीवी कैमरा और वीडियो रिकाॅर्डिंग की भी व्यवस्था सुनिष्चित की जाये। इसके अलावा लोगों में सांप्रदायिक सौहार्द बनाये रखने के लिये शहर के विभिन्न चैक चौराहों पर क्या करें और क्या न करें के सुझावों से संबंधित फ्लैक्स लगवाये जायें साथ ही जिन शहरों में एफएम रेडियो है वहां प्रचार प्रसार करें। इसके अलावा उन्होंने कहा कि ड्रोन के जरिये अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में नजर रखी जाये।
निर्धारित रूट पर ही निकले जुलूस
मुख्य सचिव ने निदेश दिया है कि पूर्व से निर्धारित मार्गाें पर ही अखाड़ों का जुलूस निकाला जाये, उसमें किसी भी तरह का फेरबदल न हो, यह सभी उपायुक्त सुनिष्चित करें। उन्होंने कहा कि डीजे पर पूर्ण रूप से पाबंदी रहेगी साथ ही लाईसेंसधारी अखाड़ों को ही जुलूस निकालने की अनुमति दी जाय। थाने स्तर पर शांति समिति की बैठक कराकर यह सुनिष्चित किया जाये कि किस प्रकार से जुलूस के प्रबंधन की व्यवस्था समितियों के कार्यकर्ता संभालेंगे और उन्हें किस प्रकार के प्रषासनिक सहयोग की जरूरत होगी। बैठक में यह निदेष दिया गया कि विभिन्न मार्गों पर पुलिस पेट्रोलिंग, स्नीफर डाॅग और माॅक ड्रील की जानी चाहिये ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति निपटा जा सके। श्रीमती वर्मा ने कहा कि ज्यादा से ज्यादा वायरलेस कम्यूनिकेशन का उपयोग करें विशेष शाखा द्वारा हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जाये। बैठक में धार्मिक स्थलों की विशेष निगरानी साथ साथ असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिये गये।
जवाबदेही फिक्स करें
मुख्य सचिव ने कहा है कि रामनवमी के अवसर पर किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो इसके लिये थानेदार से लेकर एसडीओ/ एसडीपीओ तक जवाबदेही सुनिष्चित की जानी चाहिये। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी षांति पूर्ण जुलूस निकले इसके लिये सभी संबंधित थानेदारों को कड़ाई से निदेश दिये जायें। उन्होंने कहा कि अगर किसी जिले में अतिरिक्त पुलिस बल की आवष्यकता है तो उन्हें उपलब्ध करायी जाये। ज्यादा से ज्यादा संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल की तैनाती सुनिष्चित कराई जाये साथ ही ऐसे तमाम असामाजिक तत्वों पर नजर रखी जाये जिनपर पूर्व में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के मामले दर्ज हुए हों अथवा लंबित हों। उन्होंने कहा कि पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगाये जायें जो पूरी तरह से प्रशासन के अन्तर्गत होगा ताकि विशेष परिस्थिति में लोगों को संदेश दिया जा सके। रामनवमी शांति और सौहार्द पूर्ण हो इसके लिये गृह विभाग द्वारा आईजी अभियान को 3900 गृह रक्षकों की तैनाती के आदेश निर्गत किये गये हैं।
बैठक में मुख्य रूप से अपर मुख्य सचिव गृह विभाग श्री एन एन पांडेय, पुलिस महानिदेशक श्री डीके पांडेय, पुलिस महानिरीक्षक श्री अनुराग गुप्ता, पुलिस महानिरीक्षक श्री एमएस भाटिया सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे।

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