झारखण्ड सरकार द्वारा झारखण्ड के स्थानीय निवासी को परिभाषित कर दिया गया

raguwar das

यह मामला झारखण्ड राज्य के गठन के उपरांत से ही लंबित था और राज्य के सभी वर्गों से झारखण्ड के स्थानीय निवासी को परिभाषित करने की माँग लगातार की जा रही थी |

राज्य सरकार द्वारा  07.04.2016 को झारखण्ड के स्थानीय निवासी को परिभाषित कर दिया गया | यह मामला झारखण्ड राज्य के गठन के उपरांत से ही लंबित था और राज्य के सभी वर्गों से झारखण्ड के स्थानीय निवासी को परिभाषित करने की माँग लगातार की जा रही थी | माननीय मुख्यमंत्री के द्वारा भी झारखण्ड के स्थानीय निवासी को परिभाषित करने की घोषणा की गयी थी तथा उन्होंने अपनी घोषणा पर अमल करते हुए सरकार के द्वारा झारखण्ड के स्थानीय निवासी के परिभाषा को इस तरह से परिभाषित किया कि किसी भी वर्ग को किसी भी प्रकार का भेदभाव का सामना नही करना पड़ेगा | राज्य सरकार ने उपर्युक्त निर्णय लेने में काफी सुझबुझ का परिचय दिया है तथा उपर्युक्त गंभीर विषय, जिसके ऊपर पूर्व की सरकारों ने राजनीतिक अस्थिरता के कारण सफलता नही प्राप्त की | अन्य राज्यों से तुलना कर तथा सभी वर्ग के लोगों समेकित रूप से लाभ प्रदान करने तथा राज्य के मूल निवासियों पर विशेष ध्यान देते हुए झारखण्ड के निवासी की परिभाषा में निम्नलिखित को सम्मिलित करने का निर्णय लिया है :-

  1. झारखण्ड की भौगोलिक सीमा में निवास करने वाले वैसे सभी व्यक्ति, जिनका स्वयं अथवा पूर्वज के नाम गत सर्वे खतियान में दर्ज हो एवं वैसे मूल निवासियों, जो भूमिहीन है, उनके संबंध में भी उनकी प्रचलित भाषा, संस्कृति एवं परंपरा के आधार पर ग्राम सभा द्वारा पहचान किए जाने पर स्थानीय की परिभाषा में उन्हें शामिल किया जा सकेगा |
  2. वैसे झारखण्ड के निवासी जो व्यापार नियोजन एवं अन्य कारणों से झारखण्ड राज्य में विगत 30 वर्ष या उससे अधिक से निवास करते हो एवं अचल संपत्ति अर्जित किया हो या ऐसे व्यक्ति की पत्नी/पति/संतान हो |
  3. झारखण्ड राज्य सरकार अथवा राज्य सरकार द्वारा संचालित या मान्यता प्राप्त संस्थानों/निगम आदि में नियुक्त एवं कार्यरत पदाधिकारी/कर्मचारी या उनकी पत्नी/पति/संतान हो |
  4. भारत सरकार के पदाधिकारी/कर्मचारी, जो झारखण्ड में कार्यरत हो या उनकी पत्नी/पति/संतान हो|
  5. झारखण्ड राज्य में किसी संवैधानिक अथवा विधिक पदों पर नियुक्त व्यक्ति या उनकी पत्नी/पति/संतान हो |
  6. ऐसे व्यक्ति जिनका जन्म झारखण्ड राज्य में हुआ हो तथा जिन्होंने अपनी मैट्रिकुलेशन एवं समकक्ष स्तर की पूरी शिक्षा झारखण्ड राज्य में स्थित मान्यता प्राप्त संस्थानों से पूर्ण की हो |

             उपर्युक्त निर्णय के द्वारा राज्य सरकार ने झारखण्ड में रहने वाले सभी वर्ग के लोगों का ध्यान रखा है | ज्ञात हो कि झारखण्ड राज्य के गठन के इतने वर्षों के बाद भी झारखण्ड सरकार के द्वारा झारखण्ड के स्थानीय निवासी की निर्धारित नही की जा सकी थी, जबकि वर्ष 2002 में ही माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय ने एक विस्तृत आदेश पारित किया था | तत्पश्चात लगभग सभी सरकारों ने इस मामले में अंतिम निर्णय लेने में कतिपय कारणों से सक्षम नही हो सकी | पूर्व की सरकारों ने भी अनेकों प्रकार की कमेटियाँ बनाकर अथवा सरकार के स्तर पर भी उपर्युक्त मामले में निर्णय लेने की प्रक्रिया तो प्रारंभ की, लेकिन अंतिम निष्कर्ष पर नही पहुँच सकी | वर्तमान सरकार ने अपनी घोषणा के अनुरूप अन्य राज्यों से best practices , सभी राजनैतिक दलों, बुद्धिजीवियों, सामाजिक संगठनो से परामर्श एवं माननीय उच्च न्यायालय के न्यायादेश को दृष्टिपथ में रखते हुए इस मामले में अंतिम निर्णय लेकर अपनी घोषणा एवं प्रतिबद्धता को पूर्ण की है |

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