टैगोर  हिल – शहर से 4 किमी दूर एक पहाड़ की चोटी पर स्थित है

झारखण्ड की राजधानी राँची को प्रकृति ने अकूत प्राकृतिक सौन्दर्य से नवाजा है| राँची का मौसम ऐसे तो पूरे साल खुशनुमा बना रहता है, लेकिन बरसात के दिनों में इसकी खूबसूरती को चार चाँद लग जाते है| राँची आने के लिए देश के किसी भी कोने से यात्रा शुरू की जा सकती है| सड़क यात्रा के द्वारा भी राँची आसानी से पहुँचा जा सकता है| राँची हवाई मार्ग, रेल मार्ग तथा बस के द्वारा पूरे साल बड़ी आसानी से पहुँचा जा सकता है| यहाँ ठहरने के लिए कई तरह के होटल मिल जाएँगे जो सस्ते व महंगे दोनों है| यहाँ पर हम आपको राँची के टैगोर  हिल की जानकारी दे रहे हैं

टैगोर  हिल शहर से 4 किमी दूर एक पहाड़ की चोटी पर स्थित है। टैगोर हिल को मोहराबादी हिल के नाम से भी जाना जाता है और इसकी चोटी पर एक घर बना हुआ है। यह हिल करीब 300 फीट ऊंचा है। चूंकि इसका इतिहास टैगोर परिवार से जुड़ा है, इसलिए इसे टैगोर हिल्स के नाम से जाना जाता है।

ऐसा माना जाता है कि यहां रवीन्द्रनाथ टैगोर के भाई सत्यीन्द्रनाथ टैगोर ने अपने जीवन का सर्वाधिक समय यहाँ बिताया है, यहां की नैसर्गिक सुंदरता और शांत व मनोरम वातावरण के कारण उन्हें यह स्थान काफी पसंद आया था। इस हिल के ठीक नीचे दिव्य ज्ञान का केन्द्र, प्रसिद्ध रामकृष्ण मिशन आश्रम है। हिल क्लाइंबिंग और चोटी पर एकांत के कुछ पल बिताने के लिए यह एक बेहतरीन जगह है।

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