जोन्हा फॉल को गौतम धारा के नाम से भी जाना जाता है

झारखण्ड की राजधानी राँची को प्रकृति ने अकूत प्राकृतिक सौन्दर्य से नवाजा है| राँची का मौसम ऐसे तो पूरे साल खुशनुमा बना रहता है, लेकिन बरसात के दिनों में इसकी खूबसूरती को चार चाँद लग जाते है| राँची आने के लिए देश के किसी भी कोने से यात्रा शुरू की जा सकती है| सड़क यात्रा के द्वारा भी राँची आसानी से पहुँचा जा सकता है| राँची हवाई मार्ग, रेल मार्ग तथा बस के द्वारा पूरे साल बड़ी आसानी से पहुँचा जा सकता है| यहाँ ठहरने के लिए कई तरह के होटल मिल जाएँगे जो सस्ते व महंगे दोनों है| यहाँ पर हम आपको राँची के जोन्हा फ़ॉल  की जानकारी दे रहे हैं

जोन्हा फ़ॉलइस फॉल का नाम यहाँ के एक गांव के नाम पर ही पड़ा है। जोन्हा फॉल को गौतम धारा के नाम से भी जाना जाता है,ऐसा माना जाता है कि बौद्ध भगवान गौतम बुद्ध ने यहां स्नान किया था। गौतमधारा के एक छोर पर भगवान बुद्ध को समर्पित एक मंदिर और एक आश्रम भी है,जिसे बालदेवदास बिरला के बेटों ने बनवाया था। हर मंगलवार और गुरुवार को यहां लगने वाला मेला भी पर्यटकों के बीच काफी चर्चित है। आश्रम के चिन्हों को देखकर इस बात का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है कि मूल रूप से इसका निर्माण हिंदू धर्म के साथ-साथ आर्य धर्म की अन्य शाखाओं यथा बौद्ध,जैन,सिक्ख,सनातन और आर्यसमाज के लिए भी किया गया है| स्थानीय लोग जोन्हा को गंगा नाला भी कहते हैं, क्योंकि इसकी धारा गंगा घाट से होते हुए आती है। 453 कदम नीचे जाने पर आप जलप्रपात तक पहुंच जाएंगे। गौतमधारा धारा के दूसरी तरफ कोनारडीह और दुआरसीनी गांव है। जोन्हा जलप्रपात रांची के पठार के सिरे पर पड़ता है और इसकी गिनती ढलान वाली घाटी के जलप्रपातों में होती है। इसमें पानी गंगा और रारू नदी से आती है। यहां 43 मीटर की ऊंचाई से पानी गिरता है। इस झरने के आसपास के ग्रामीण के परिवेश को देखने के लिए सीढ़ियों से 500 ऊपर जाना होगा।

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