रैयती जमीन पर उत्पादित वनोपज अथवा पेड़ की कटाई कर बिक्री करने की प्रक्रिया को आसान बनाया  जाएगा

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 रैयती जमीन पर उत्पादित वनोपज अथवा पेड़ की कटाई कर बिक्री करने की प्रक्रिया को आसान बनाया  जाएगा

राँची,दिनांक-05.06.2015 मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि अपने रैयती जमीन पर उत्पादित वनोपज अथवा पेड़ की कटाई कर बिक्री करने की प्रक्रिया को सरलीकृत किया जाएगा। किसान अब अपनी रैयती जमीन पर काटने योग्य पेड़ों की लकड़ियों को स्थानीय बाजार दर पर बेच सकेंगे। इसके लिए वन एवं पर्यावरण विभाग को अधिनियम में संशोधन हेतु अध्यादेश लाने के लिए प्रारूप तैयार करने का निदेश दिया गया है। साथ ही निदेशित किया गया है कि अपनी रैयती जमीन पर पेड़ों की कटाई एवं परिवहन हेतु संबंधित अंचल कार्यालय एवं स्थानीय वन विभाग के कार्यालय से अनुमति प्राप्त करने के लिए निश्चित समय-सीमा को पुनर्निधारित करते हुए इसे सेवा का अधिकार अधिनियम के अन्तर्गत रखा जाए ताकि सामान्यजनों को अपने रैयती जमीन में लगे पेड़ों को काटने एवं परिवहन करने में असुविधा का सामना नही करना पड़े। मुख्यमंत्री आज प्रोजेक्ट भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में झारखण्ड राज्य वन विकास निगम लिमिटेड की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि वन विभाग द्वारा चलाई जा रही विकास की योजनाओं में स्थानीय लोगों की अधिक से अधिक भागीदारी होनी चाहिए। उदाहरण के लिए वन क्षेत्रों में चेकडैमों के निर्माण में स्थानीय वन प्रबंधन समितियों के सुझाव को शामिल किए जाने से निश्चित रूप से सकारात्मक परिणाम आएंगे। उन्होंने कहा कि वन प्रबंधन समितियों को सुदृढ़ बनाते हुए उनके कार्यों में जवाबदेही एवं पारदर्शिता हेतु विशेष प्रावधान किया जाना चाहिए।
उक्त बैठक में माननीय सांसद श्री लक्ष्मण गिलुआ, माननीय सदस्य, झारखण्ड विधानसभा श्री राधाकृष्ण किशोर, श्री हरिकृष्ण सिंह, मुख्य सचिव श्री राजीव गौबा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री संजय कुमार, प्रधान सचिव वन एवं पर्यावरण विभाग श्री अरूण कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री सुनील कुमार वर्णवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री बी0सी0निगम, प्रबंध निदेशक, झारखण्ड राज्य वन विकास निगम श्री महेन्द्र कर्दम सहित श्री तुलसी पटेल एवं श्री राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता उपस्थित थे।

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