राँची,दिनांक-04.06.2015 भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण तथा आम नागरिकों को स्वच्छ प्रषासन उपलब्ध कराने की झारखंड सरकार की प्रतिबद्धता के आलोक में दिनांक 04.06.2015 को श्री राजीव गौबा, मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें अपर मुख्य सचिव, गृह विभागय प्रधान सचिव, वित्त विभागय प्रधान सचिव, कार्मिक, प्रषासनिक सुधार तथा राजभाषा विभागय सचिव, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक, निगरानी ब्यूरो भी उपस्थित थे। इस बैठक में विगत दिनों मंत्रिपरिषद् द्वारा भ्रष्टाचार से संबंधित मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए विषेष न्यायालय का गठन तथा अवैध रूप से अर्जित सम्पत्ति की जब्ती के संबंध में लिए गए निर्णय पर त्वरित कार्रवाई करने के लिए निगरानी ब्यूरो के कार्यकलाप एवं इसकी शक्तियों में समुचित वृद्धि करने के blue print को अंतिम रूप दिया गया ।
2. राज्य निगरानी ब्यूरो अब नए नाम भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (Anti Corruption Bureau) से जाना जाएगा। यह निगरानी आयुक्त के पर्यवेक्षण एवं नियंत्रण में एक विषेष इकाई के रूप में कार्यरत होगा, जिसमें समर्पित पदाधिकारी एवं कर्मी पदस्थापित एवं प्रतिनियुक्त होंगे। इन कर्मियों को मेधा एवं स्वच्छता के आधार पर पिगमक जमतउ के लिए रखा जाएगा। नए ब्यूरो में तकनीकी परीक्षण कोषांग रहेगा, जिसमें अब चार्टर्ड एकाउंटेंटों, लेखा परीक्षकों एवं अन्य विषेषज्ञ विभागीय पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति कर गहन तकनीकी अध्ययन कर किसी जांच का कार्य निर्बाध एवं त्वरित रूप से करेंगे।
3. नए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में अब कुल 06 स्वतंत्र एवं प्रभावी अभियोजन unit होंगे। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि प्रमंडलवार पुलिस अधीक्षक स्तर के पदाधिकारी के नेतृत्व में ब्यूरो का एक नदपज कार्यरत रहेगा। इसके अतिरिक्त धनबाद में भी एक निगरानी कोषांग प्रांरभ करने का निर्णय लिया गया, जो कोयला प्रक्षेत्र के जिलों यथा- धनबाद एवं बोकारो में कोयला में व्याप्त भ्रष्टाचार पर अपना ध्यान केेंद्रित करेगा। ब्यूरो के इन कोषांगों में पुलिस उपधीक्षक एवं पुलिस निरीक्षक स्तर के पदाधिकारी भी प्रतिनियुक्त रहेंगे, जिनकी प्रतिनियुक्ति/पदस्थापना एक उच्च स्तरीय समिति की अनुषंसा पर की जाएगी। ब्यूरो मंे पदस्थापित पदाधिकारियों की कलावधि नियत रहेगी तथा इन्हें विषेष वेतन/भत्ता इत्यादि भी अनुमान्य होगा।
4. नए गठित होने वाली भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के लिए यह आवष्यक नहीं होगा कि प्रत्येक मामले के अनुसंधान के क्रम में प्रत्येक चरण में वे सरकार की अनुमति प्राप्त करें, बल्कि ऐसी व्यवस्था रहेगी कि वे सूचना के आधार पर तुरंत जांच प्रारंभ कर सकें और मुकदमा दायर करने की प्रक्रिया भी सरल एवं त्वरित रहेगी । ब्यूरो भ्रष्टाचार में लिप्त कर्मियों को जतंच करने एवं आय से अधिक सम्पत्ति के मामलों में गोपनीय ढ़ंग से सूचना संग्रहण करने के लिए स्वतंत्र होगा।
5. बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि प्रत्येक विभाग में एक मुख्य सतर्कता पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की जाए, जो उस विभाग से संबंधित मामलों में नव गठित भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को अनुसंधान एवं निष्पादन में सक्रिय सहयोग प्रदान करेंगे। इन मुख्य सतर्कता पदाधिकारियों की नियुक्ति पारदर्षी तरीके से निगरानी आयुक्त की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा की जाएगी।

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