15-मई, 2015

सरकार वाराणसी का गौरव बहाल करने के प्रति कटिबद्ध: मुख्‍तार अब्‍बास नकवी

केन्‍द्र सरकार वाराणसी के पारंपरिक दस्‍तकारों के विकास और इस शहर के गौरव को बहाल करने के प्रति क‍टिबद्ध है। यह बात केन्‍द्रीय अल्‍पसंख्‍यक कार्य एवं संसदीय कार्य राज्‍य मंत्री श्री मुख्‍तार अब्‍बास नकवी ने कल शाम वाराणसी में ‘उस्‍ताद’ योजना का शुभारंभ करते हुए कही। यह योजना इस दिशा में मददगार साबित होगी क्‍योंकि यह इस शहर के लाखों पारंपरिक दस्‍तकारों का विकास सुनिश्चित करेगी।

उस्‍ताद (पारंपरिक कलाओं/शिल्‍पों में विकास के लिए कौशल और प्रशिक्षण का उन्‍नयन) योजना की शुरुआत करने के दौरान उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए श्री नकवी ने कहा कि वाराणसी अपने घाटों, मन्दिरों, बनारसी साड़ी और पारंपरिक कलाओं/शिल्‍पों और रेशम के बुनकरों के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहा है। हालांकि, दुर्भाग्‍यवश पिछले कुछ वर्षों के दौरान इस शहर का गौरव फीका पड़ गया है क्योंकि इस शहर और यहां के दस्‍तकारों एवं शिल्‍पकारों की अनदेखी की गई है।

श्री नकवी ने कहा कि अल्‍पसंख्‍यक समुदाय का एक बड़ा वर्ग पिछली कई पीढि़यों से पारंपरिक कलाओं एवं शिल्‍पों में संलग्‍न रहा है। यह योजना पारंपरिक कलाओं/शिल्‍पों की समृद्ध विरासत को संरक्षित करने और पारंपरिक दस्‍तकारों/शिल्‍पकारों की क्षमता के निर्माण के लिए लांच की गई है।

श्री नकवी ने कहा कि यह योजना पारंपरिक कलाओं/शिल्‍पों को राष्‍ट्रीय एवं अंतर्राष्‍ट्रीय बाजारों के साथ जोड़ने में भी मददगार साबित होगी। यह योजना इसके साथ ही श्रमिकों का सम्‍मान भी सुनिश्चित करेगी। केन्‍द्र सरकार द्वारा वित्‍त पोषित यह योजना बड़ी कम्‍पनियों के साथ प्रतिस्‍पर्धा के लिए कुशल एवं अकुशल दस्‍तकार और शिल्‍पकार तैयार करेगी।

श्री नकवी ने विश्‍वास व्‍यक्‍त करते हुए कहा कि यह योजना अल्‍पसंख्‍यक समुदाय के युवाओं को रोजगार अवसर प्रदान करने के साथ-साथ उनका बेहतर भविष्‍य भी सुनिश्चित करेगी।

‘उस्‍ताद’ योजना कश्‍मीर से लेकर कन्‍याकुमारी तक और अरुणाचल प्रदेश से लेकर गुजरात तक देश के सभी क्षेत्रों के लिए मान्‍य है। उन्‍होंने पारंपरिक कलाओं/शिल्‍पों में संलग्‍न लोगों से इस योजना का लाभ उठाने की अपील की।

News Reporter

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