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हरियाणा के ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज्यमंत्री बिक्रम ङ्क्षसह यादव ने कहा कि हरियाणा को स्पोटर्स हब बनाने के लिए शारीरिक गतिविधि एवं खेल नीति 2015 बनाई गई है।

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17-अप्रैल, 2015  चंडीगढ़, 17 अप्रैल- हरियाणा के ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज्यमंत्री बिक्रम ङ्क्षसह यादव ने कहा कि हरियाणा को स्पोटर्स हब बनाने के लिए शारीरिक गतिविधि एवं खेल नीति 2015 बनाई गई है, जिसके सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं। वे आज कोसली के समीपवर्ती गांव शहादत नगर में बाबा ईश्वरदास उर्फ दुल्ला बाबा की 35 वीं जयंती के अवसर पर बोल रहे थे। इस अवसर पर बाबा की समाधि स्थल पर हवन किया गया। हवन में उनकी धर्मपत्नी जिला परिषद की चैयरमैन सुरेश देवी ने पूर्णाहुति डाली। इसके साथ बालीवाल खेल प्रतियोगिता का उदघाटन भी किया। श्री यादव ने कहा कि हरियाणा में खिलाडिय़ों को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार प्रयासरत है जिसके परिणाम स्वरूप इनाम व अन्य सुविधाओं में इजाफा भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेलों को बढ़ावा देनेे के उद्देश्य से क्रीडा स्थलों का निर्माण करवाया जा रहा है,ताकि विशेषकर युवा पीढ़ी का खेलों की प्रति रूझान बढ़ सके। ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज्यमंत्री बिक्रम ङ्क्षसह यादव ने कहा कि खेल को खेलों की भावना से खेलना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को खेलों के अलावा हर गतिविधियों में आगे आना होगा,चाहे वह सांस्कृतिक हो या अन्य गतिविधियां। उन्होंने कहा कि जीवन में इस तरह का मौका बार बार नहीं आता,जहां प्रतिभा का प्रदर्शन करना हो। उन्होने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के खेल आयोजनों से ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को निखारने का मौका मिलता है। बालीवाल खिलाडिय़ों का परिचय लेते हुए सहकारिता राज्यमंत्री बिक्रम ङ्क्षसह यादव ने कहा कि खेलों में भाग लेने से न केवल शारीरिक विकास होता है,साथ ही मानसिक विकास भी होता है। उन्होंने कहा कि शरीर को निरोगी रखने में भी खेलों का अहम योगदान रहता है, अगर शरीर स्वस्थ नहीं है,तो समझें जीवन में सफलता प्राप्त नहीं हो सकती। श्री यादव ने कहा शास्त्रों में बताया गया है कि किसी भी कार्य को शुरू करने से पूर्व हवन यज्ञ करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बाबा दुल्ला महान तपस्वी थे ,जोकि कोसली क्षेत्र में प्रसिद्ध संत के रूप में आज भी जाने जाते हैं। उन्होंने कहा कि कोसली क्षेत्र संत महात्माओं के नाम से प्रसिद्ध है,उसमें चाहे कोई भी संत महात्मा या देेवी देवता हों। उन्होंने ग्रामीणों का आहवान किया कि वो इस तरह के धार्मिक व सामाजिक कार्यक्रम आयोजित अवश्य करवाएं,ताकि भाईचारे की भावना को बढावा मिल सके। जयंती के अवसर पर भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें आसपास के ग्रामीणों ने बाबा की समाधि पर मत्था टेक प्रसाद ग्रहण किया। उन्होंने कमेटी के सदस्यों को कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए बधाई दी।

 

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