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हरियाणा के कृषि मंत्री श्री ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा है कि प्रदेश के किसानों को फसली ऋण बिना ब्याज के दिया जाएगा।

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17-अप्रैल, 2015  चण्डीगढ, 17 अप्रैल – हरियाणा के कृषि मंत्री श्री ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा है कि प्रदेश के किसानों को फसली ऋण बिना ब्याज के दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हाल ही में हुई बेमौसमी बरसात और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों के ऋणों को समायोजित किया गया है तथा बिजली के बिलों में राहत भी प्रदान की गई। कृषि मंत्री आज यहां मीट-दी-प्रैस कार्यक्रम में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछली हुड्डा सरकार ने किसानों के लिए फसल प्रभावित होने पर मुआवजा राशि 10 हजार रुपए प्रति एकड़ घोषित की थी, परंतु किसी किसान को दी नहीं थी, परंतु उनकी वर्तमान सरकार ने इस राशि को बढाते हुए फसल प्रभावित होने पर किसान को 12 हजार रुपए प्रति एकड़ की दर से देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि यह राशि दिल्ली को छोडकर देशभर में सबसे अधिक हरियाणा में दी जा रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में खेती कम होती है और वहां पर ज्यादा सम्पन्न लोग रहते हैं यही कारण है कि उनका सालाना बजट 40 हजार करोड रुपए है जबकि हरियाणा का सालाना बजट 25 हजार करोड रुपए है। उन्होंने कहा कि मुआवजा राशि किसानों को एक माह के भीतर वितरित कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने भी किसानों को राहत देते हुए अब मुआवजा राशि के मानदंडों में फेरबदल करते हुए 50 प्रतिशत के फसल खराब के स्थान पर 33 प्रतिशत करने का जनहितैषी निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि इस बार राज्य में पहले की अपेक्षा बेमौसमी बरसात दस गुणा ज्यादा हुई है और ओलावृष्टि भी अधिक रही है। इस कारण से खेतों में पानी खडा रहा व पानी की निकासी न होने से भी फसलें अधिक प्रभावित हुई हैं। उन्होंने बताया कि 22 मार्च तक हुई गिरदावरी में 1136 करोड़ रुपए का आंकलन किया गया था और अब गिरदावरी के लिए पांच दिन और बढा दिए गए हैं ताकि प्रदेश में जहां अभी फसल खडी हैं वहां की गिरदावरी पूरी की जा सकें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा किसानों के बीच में बीमा करवाने के प्रचलन को बढाया जाएगा और इसके लिए राज्य सरकार द्वारा निजी-सार्वजनिक-भागीदारिता के तहत बीमा निगम बनाने पर विचार कर रही है, ताकि आपदा प्रबंधन में किसानों को हक के साथ राहत प्रदान की जा सकें। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा भी जल्द ही कृषि आय बीमा योजना लाई जा रही है। कृषि मंत्री ने कहा कि अटल खेतीबाडी योजना के तहत प्रत्येक किसान को पंजीकृत किया जाएगा, जिसमें काश्तकार किसान, भूमिहीन किसान और अन्य वो किसान जिनकी भूमि है, परंतु खेती करने के लिए देेतें हैं, शामिल है। इस योजना के तहत किसानों को राहत राशि सीधे उसके खातों में पहुंचाई जाएगी, इस पर कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि राज्य में 93 प्रतिशत किसान कृषि करते हंै और उनकी आय 15 से 20 हजार रुपए प्रति एकड़ होती है, जबकि 7 प्रतिशत किसान बागवानी में कार्य करते हैं और उनकी आय 5 लाख रुपए से 10 से 12 लाख रुपए प्रति एकड होती है। इसलिए इस दिशा में राज्य सरकार ने हाल ही में गुडगांव में एक एग्री सम्मेलन आयोजित करवाया जिसमें किसानों को विविधता खेती करने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि किसानों के उत्पाद को सीधे बाजार में उपलब्ध करवाने के लिए हरियाणा फ्रेश ब्रंाड को पंजीकृत करवाया गया है। उन्होंने बताया कि मतस्य पालन विभाग का बजट तीन गुणा तक बढाया गया है। उन्होंने कहा कि मत्स्य पालन में सजावटी मछली पालन में बहुत ज्यादा गुंजाइंश है और इस दिशा में अभी हाल ही में हरियाणा से 53 किसानों को इस क्षेत्र में प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है। इसी प्रकार, प्रदेश में सजावटी मछली पालन को बढावा देने के लिए राज्य से एक टीम को इस्राइल भेजा जाएगा। मंत्री ने बताया कि पहला ग्राम सचिवालय जिला जींद के हैबतपुर गांव में खोला गया जहां एक ही छत के नीचे किसानों को सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएगी और इसी प्रकार राज्य के गांवों में ग्राम सचिवालयों का निर्माण करवाया जाएगा तथा इसी कडी में अब सामुदायिक केन्द्र को बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत सांसदों, विधायकों, अधिकारियों के साथ-साथ प्रतिष्ठित व्यक्तियों को जोडा गया है जो अपने गांव का विकास करेंगें और इसी कडी में गरवित योजना यानि ग्रामीण विकास के लिए तरूण को शुरू किया गया है ताकि युवाओं व स्वयंसेवकों को ज्यादा से ज्यादा ग्राम विकास के साथ जोडा जाए, जो अपने ग्राम का विकास करें। उन्होंने कहा कि ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन के लिए योजना बनाई जा रही है ताकि ग्राम साफ-सुथरे रहें। उन्होंने कहा कि राज्य में 1500 नहरें हैं और 75 प्रतिशत तक टेल तक पानी उनकी सरकार द्वारा पहुंचाया जा रहा है, शेष 25 प्रतिशत के लिए सुधार करने पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगले पांच वर्षों में राज्य के प्रत्येक खेत को पानी पहुंचाना उनका मिशन है। उन्होंने कहा कि राज्य के किसानों लिए दिसम्बर, जनवरी और फरवरी में खाद की कोई कमी नहीं रही और खाद सुगमता से बांटी गई। उन्होंने कहा कि गौसवंर्धन और गौसरंक्षण कानून देश में एक सख्त कानून है। इस मौके पर कृषि मंत्री ने अपने ऐच्छिक कोष से प्रैस क्लब चण्डीगढ को पांच लाख रुपए की राशि देने की भी घोषणा की।

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